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लोहरदगा में CAA के समर्थन में निकाले गये जुलूस पर हुए पथराव में जख्मी नीरज प्रजापति की रिम्स में मौत, पुलिस का एक्सटर्नल इंजरी से इनकार

Ranchi: लोहरदगा में 23 जनवरी को सीएए के समर्थन में निकाले गये तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसक झड़प में घायल लोहरदगा के रहनेवाले नीरज राम प्रजापति की सोमवार को रिम्स में ईलाज के दौरान मौत हो गयी.

हालांकि, लोहरदगा रहने वाले नीरज प्रजापति के रिम्स में ईलाज के दौरान हुई मौत के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा गया कि नीरज प्रजापति की मृत्यु के संबंध में प्रारंभिक जांच के क्रम में सामने आया है कि रिम्स के चिकित्सक जिन्होंने नीरज का इलाज किया है,उन्होंने बताया है कि नीरज के शरीर या सिर्फ किसी भी प्रकार की एक्सटर्नल इंजरी नहीं है.

नीरज की मृत्यु कार्डियेक अरेस्ट से हुई है जो सेफ्टिक शॉक फॉर्म ब्रेन स्टेम ब्लीड से हुई है. अबतक अनुसंधान में बीते 23 जनवरी को हुई हिंसक झड़प की घटना में नीरज की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है. इस संबंध में सभी पहलुओं पर अनुसंधान जारी है.

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जिला मुख्यालय लोहरदगा में सीएए के समर्थन में निकली रैली पर एक गुट के द्वारा की गयी पत्थरबाजी में करीब 25 से अधिक लोग घायल हो गये थे और माहौल तनावपूर्ण माहौल हो गया था.

शहरी क्षेत्र में आगजनी, तोड़फोड़ और मारपीट की घटनाएं हुईं और उपद्रवियों के द्वारा कई वाहनों को आग लगा दिया गया था. इसके अलावा कई दुकानों और घरों में भी अगजनी की गयी थी. विवाद बढ़ने के बाद जिला प्रशासन की ओर से कर्फ्यू की घोषणा कर दी गयी थी.

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एक गुट के लोगों ने किया था जुलूस पर पथराव

जिला मुख्यालय लोहरदगा में बीते 23 जनवरी को सीएए के समर्थन में निकली रैली जैसे ही जामा मस्जिद के आगे निकली, वैसे ही पत्थरबाजी शुरू हो गयी. इसके बाद विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते पुलिस के कई वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की गयी.

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यहां तक कि एसपी प्रियदर्शी आलोक को भी निशाना बनाने का प्रयास किया गया. एसपी को बचाने के चक्कर में उनके कई अंगरक्षक और पुलिस के जवान भी घायल हुए थे. इसके अलावे जुलूस में शामिल कई महिलाएं, पुरुष और अन्य लोग भी घायल हुए थे.

पथराव के बाद दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गयी. दो घंटे तक शहर उपद्रवियों के कब्जे में रहा. उपद्रवी तत्वों ने 18 दुकानों कों आग के हवाले कर दिया. 80 बाइक, चार पिकअप वैन और एक ट्रक फूंक दिया. पुलिस के तीन वाहनों में तोड़फोड़ की गयी थी.

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100 लोगों को हिरासत में लिया गया है

सीएए के समर्थन में निकली रैली के दौरान हुई हिंसक झड़प के पांचवें दिन सोमवार को प्रशासन की ओर से दो घंटों के लिए कर्फ्यू में ढील दी गयी थी. इसके बाद दवा दुकानों पर सर्वाधिक भीड़ देखी गयी. लोग अपनी जरूरत के सामान खरीदने के लिए दुकानों पर जमे थे.

पुलिस भी पूरी मुस्‍तैदी से लोगों और भीड़-भाड़ को संभालने में जुटी थी. जानकारी के मुताबिक हिंसा के मामले में अब तक 100 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है.

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