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सुप्रीम कोर्ट ने CAA के बाद #NPR पर रोक लगाने से इनकार किया,  केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा

कोर्ट ने CAA और NPR पर रोक लगाने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.  

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NewDelhi : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 27 जनवरी को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और NPR प्रक्रिया को चुनौती देने वाली नयी याचिकाओं पर सुनवाई की. कोर्ट ने CAA और NPR पर रोक लगाने से इनकार करते हुए केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है.

सुनवाई के क्रम में कोर्ट ने इन प्रक्रियाओं पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है.  साथ ही सभी नयी याचिकाओं को  CAA की अन्य याचिकाओं के साथ सूचीबद्ध कर दिया.  इनपर पांच सदस्यीय संविधान पीठ तीन सप्ताह बाद सुनवाई करेगी.

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इकट्टा किये डेटा के कारण नागरिकों की निगरानी हो सकती है

जान लें कि नयी एनपीआर याचिकाओं में कहा गया कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर(NPR) के लिए हासिल की जाने वाली जानकारी के दुरुपयोग से संरक्षण की कोई गारंटी नहीं है.  एक याचिका में कहा गया है कि नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियम, 2003 के तहत एकत्र की जा रही जानकारी, नियम, 2003 के नियमों के तहत दुरुपयोग से किसी भी सुरक्षा की गारंटी नहीं है.

याचिका के अनुसार यह आधार या जनगणना के लिए इकट्ठा की गयी जानकारी से काफी अलग है, जिसमें एकत्र  सूचना/डेटा को कानून के अनुसार सुरक्षा और सुरक्षा की गारंटी दी जाती है. याचिका में इस बात पर भी चिंता जताई गयी है कि इकट्टा किये डेटा के कारण नागरिकों की निगरानी हो सकती है, हालांकि कोर्ट ने याचिकाकर्ता की सुनवाई पर  NPR प्रक्रिया में तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया.

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सुनवाई पांच सदस्यीय संविधान पीठ करेगी

जान लें कि सुप्रीम कोर्ट ने इससे पूर्व 22 जनवरी को स्पष्ट किया था कि वो केंद्र सरकार का पक्ष जाने बगैर कोई निर्णय नहीं लेगा. तब कोर्ट ने इस कानून के खिलाफ दायर याचिकाओं पर जवाब देने के लिए केंद्र सरकार को चार सप्ताह का समय दिया, जिसकी सुनवाई पांच सदस्यीय संविधान पीठ करेगी.

सीजेआई एसए बोबडे, न्यायाधीश एस अब्दुल नजीर और न्यायाधीश संजीव खन्ना की पीठ ने इस कानून को चुनौती देने वाली दर्जनों याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी किया है.  हालांकि पीठ ने साफ किया कि त्रिपुरा और असम से संबंधित याचिकाओं पर अलग से विचार किया जायेगा,  क्योंकि इन राज्यों की नये CAA को लेकर परेशानी देश के अन्य हिस्सों से अलग है.

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