
Ranchi : राष्ट्रीय शिक्षक प्रशिक्षण परिषद (एनसीटीई) ने बीएड पास अभ्यार्थियों को राहत दिया है. एनसीटीई ने नियमों में बदलाव किए हैं. इसके तहत अब बीएड पास अभ्यर्थी भी प्राइमरी शिक्षक के लिए आवेदन कर सकते हैं. हांलाकि इसके लिए एनसीटीई ने बीएड पास अभ्यर्थियों के लिए शर्त रखी है. शर्त यह है कि लोगों को बीएड करने के बाद दो वर्ष की अवधि के अंदर छह महीने का पढ़ाने का एक्सपीरियेंस यानि की ब्रीज कोर्स करना जरूरी होगा. वहीं प्राइमरी शिक्षक बनने के लिए छह महीने का एक्सपीरियेंस अनिवार्य होगा. इसके साथ ही प्राइमरी शिक्षक की भर्ती में 50 फीसदी अंक के साथ स्नातक, बीएड की डिग्री को अर्हता कर दी गयी है. वहीं ब्रीज कोर्स के तहत छह महीने का डिप्लोमा कोर्स किसी स्कूल में पढ़ाने के बाद लेना होगा. ये डिप्लोमा कोर्स वैसे स्कूल या संस्था से लेना होगा जिसको एनसीटीई से मान्यता प्राप्त हो.
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स्कूलों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए एनसीटीई ने लिया फैसला
देश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में लगभग दस लाख प्राइमरी शिक्षकों की आवश्यकता है. इसकी मांग को देखते हुए एनसीटीई ने प्राइमरी शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया में बदलाव किया है. ज्ञात हो कि प्राइमरी शिक्षक नियुक्ति में बहुत सारे पद खाली रहने के बाद एनसीटीई ने बीएड पास अभ्यर्थियों के लिए राहत दी है. ताकि सभी सरकारी स्कूलों में बच्चों को पर्याप्त संख्या में शिक्षक मिल सके. एनसीटीई के इस बदलाव के बाद झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं पश्चिम बंगाल में प्राइमरी शिक्षकों के सभी रिक्त पदों की भरने की कवायद की जा रही है.
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