
Ranchi : पिछले कुछ दिनों से सिमडेगा के हॉकी ग्राउंड गुलजार हैं. देश भर की राष्ट्रीय टीमें लगातार यहां आ रही हैं. हॉकी झारखंड की टीम के साथ अपने हुनर को निखारने में लगी दिखती हैं. हॉकी की नर्सरी के तौर पर पहचान रखनेवाले तथा कई ओलंपियन तैयार करनेवाले सिमडेगा का मौसम भी कैंप के लिहाज से सभी टीमों को खूब सुहा रहा है. कुछ ही दिनों पहले तमिलनाडु की हॉकी टीम ने यहां आकर कैंप किया था. अभी बिहार की टीम भी यहां आकर अपने दमखम का परखने और हॉकी के जादू को सीखने में लगी है. ट्रेनिंग और कैंप के लिए सिमडेगा को राष्ट्रीय टीमें जिस तरह से प्राथमिकता देने लगी हैं, उससे हॉकी झारखंड काफी उत्साहित है. साथ ही सरकार से इस दिशा में कुछ और सकारात्मक प्रयास की मांग की है.
इसे भी पढ़ें – सीएम के प्रधान सचिव का करीबी विशाल विदेश भ्रमण का है शौकीन, दो वर्ष में तीन करोड़ खर्च करने की चर्चा
सिमडेगा की बदल सकती है सूरत
हॉकी सिमडेगा के अध्यक्ष मनोज कोनबेगी कहते हैं कि देश के विभिन्न राज्यों की टीमें यहां आ रही हैं. अधिकारी भी आकर सिमडेगा के हॉकी के माहौल की काफी सराहना कर रहे हैं. इससे साबित होता है कि सिमडेगा को पूरे देश की हॉकी टीम प्रशिक्षण के लिए अनुकूल वातावरण वाली जगह मानने लगी है. अब अगर झारखंड सरकार इस दिशा में थोड़ी पहल करे तो देश भर से और भी कई राज्यों की टीम यहां आना पसंद करेगी. सिमडेगा में हॉकी प्रशिक्षण की ऐसी सुविधाएं मुहैया करानी होगी कि यहां देश की राष्ट्रीय टीमों का विशेष प्रशिक्षण शिविर लगातार चलता रहे.
सिमडेगा में दूरदर्शी प्लान के साथ काम करने की जरूरत है. खेलने के लिये तीन-चार एस्ट्रोटर्फ मैदान, उच्च तकनीक सुविधायुक्त जिम, स्विमिंग पूल की व्यवस्था, 200 तक या इससे अधिक की संख्या में एक साथ खिलाड़ियों के रहने के लिए आराम दायक कमरे इत्यादि की सुविधाएं हो जाये तो यह जिला भारत की राष्ट्रीय हॉकी टीमों के लिए स्पेशल ट्रेनिंग सेंटर बन सकता है. देश के विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी जब यहां आयेंगे तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. पर्यटन स्थलों में आवागमन बढ़ेगा. ऐसे में पलायन की समस्या भी हल होगी. आकांक्षी जिला सिमडेगा के विकास में हॉकी सबसे मददगार तरीकों में से एक हो सकता है.
इसे भी पढ़ें – सफाईकर्मी को थप्पड़ मारने के आरोप में नामकुम सीओ को निलंबित किया जायेगा, फाइल सीएम पास



