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सीएम के प्रधान सचिव का करीबी विशाल विदेश भ्रमण का है शौकीन, दो वर्ष में तीन करोड़ खर्च करने की चर्चा

Ranchi : निलंबित आइएएस अधिकारी पूजा सिंघल के खिलाफ ईडी की कार्रवाई जारी है. पूजा सिंघल और डीएमओ से पूछताछ में जो सुराग मिले हैं, उसी के आधार पर मंगलवार की सुबह से छापेमारी चल रही है. ईडी की टीम झारखंड-बिहार के सात ठिकाने पर छापेमारी में जुटी है. झारखंड में सीएम के प्रधान सचिव के करीबी विशाल चौधरी के यहां छापेमारी चल रही है, दूसरी तरफ पूजा सिंघल के करीबी त्रिवेणी चौधरी के बिहार के मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित आवास पर भी छापेमारी हो रही है. त्रिवेणी चौधरी विशाल चौधरी के पिता हैं. विदेश घूमने के शौकीन विशाल चौधरी ने पिछले दो वर्षों में तुर्की, स्विट्जरलैंड, श्रीलंका, इंडोनेशिया, यूएई समेत कई देशों का भ्रमण किया है. सूचना है कि पिछले 2 साल में 3 करोड़ से ज्यादा रुपये सिर्फ विदेश भ्रमण पर खर्च किया है. अशोक नगर स्थित घर रेंट पर है. उसके इंटीरीरयर पर 1 करोड़ से ज्यादा खर्च का अनुमान है. विशाल चौधरी एक्सपोर्ट-इंपोर्ट के काम में भी हाथ आजमा रहा था. नोएडा और नैनीताल में होटल खरीदने की चर्चा है. तो विभिन्न राज्यों में एक दर्जन से अधिक रेस्टोरेंट खोलने की भी चर्चा है. वहीं मुजफ्फरपुर में फर्नीचर का शोरूम है, जिसका देखरेख विशाल के पिता त्रिवेणी चौधरी करते हैं. विशाल चौधरी दिल्ली प्रवास के दौरान 2 करोड़ की हैमर गाड़ी पर चढ़ता है. विशाल का बेटा जिस स्कूल में पढ़ता है उस स्कूल की सीलाना फीस 40 लाख रुपया है. पिता-पुत्र के घर पर एक साथ छापेमारी के बाद कई और खुलासे होने की उम्मीद है. हालांकि मामले में ईडी की ओर से आधिकारिक पुष्टि बाकी है.

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शिक्षण संस्थान की आड़ में खपाये जाते थे रुपये

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विशाल चौधरी वोकेशनल और टेक्निकल शिक्षण संस्थान चलाता है. विशाल के इंस्टीट्यूट में कई ब्यूरोक्रेट्स अपने पैसे खपाते थे. वहीं विशाल चौधरी के पिता कौशल विकास विभाग में अधिकारी हैं. ईडी की टीम को लैपटॉप और दस्तावेज मिले हैं. बताया जाता है कि फ्रंट लाइन ग्लोबल सर्विस के मालिक विशाल चौधरी एनजीओ के आड़ में चिटफंड का भी कारोबार करता था. ब्लैक मनी को व्हाइट करने में विशाल चौधरी माहिर माना जाता है. इसलिए कई नौकरशाह से विशाल चौधरी की काफी नजदीकी थी. बताया जाता है कि विशाल चौधरी के अशोक नगर रोड नंबर 6 स्थित घर में कई आइएएस अधिकारियों का आना जाना होता था.

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कचरे से मिला आइ फोन और कई अहम दस्तावेज

विशाल चौधरी का आइ फोन ईडी की टीम को घर के बाहर कचरे से मिला. वहीं इस कचरे से कई अहम कागजात भी ईडी को मिले हैं. इसी में एक कागजात ऐसा है जिसमें कई आइपीएस अधिकारियों के भी नाम हैं. ईडी अब इसका पता लगायेगी. वहीं दस्तावेज में करीब 73 करोड़ रुपये से जुड़े कुछ दस्तावेज भी मिले हैं. इस दस्तावेज से भी ईडी को कई अहम जानकारी और सुराग मिल सकता है. विशाल चौधरी के आइ फोन से ईडी को निवेश की जानकारी मिली है. मामले को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी ट्वीट किया- वैसे सूचना के अनुसार विशाल चौधरी का मोबाइल मोहल्ले के कचरे से बरामद हो गया. कचरे में एप्पल का आइफ़ोन पहली बार सुना भैया, लगता है कि कचरा ही झारखंड में सबकुछ है. इससे पहले सांसद ने ईडी की छापेमारी के तुरंत बाद ट्वीट कर यह जानकारी दी कि देखिया भैया हम देर से ट्वीट कर रहे हैं, आज जो छापा चल रहा है ईडी का, वह झा जी और चौधरी जी पर चल रहा है, जो झारखंड के किसी ‘राजा’ के यहां धन पहुंचाने के लिए बिचौलिये थे.

ईडी के अधिकारी आइएएस अधिकारी से कर सकती है पूछताछ

ईडी की जांच और छापेमारी में हो रहे नये-नये खुलासे ने सबको चौंका दिया है. खनन मामले में परत दर परत खुलासे हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि ईडी अब इस मामले में भी कुछ आइएएस अधिकारी से पूछताछ कर सकती है. विशाल चौधरी के यहां कई अधिकारियों के कनेक्शन और निवेश को लेकर ईडी आइएएस अधिकारी से पूछताछ कर सकती है. हालांकि ईडी की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गयी है.

 

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