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पलामू: काम बंद करने के निर्देश के बावजूद चल रही मनरेगा योजनाएं, जांच के आदेश

Palamu: 15 जून के बाद मनरेगा में कच्ची योजनाओं पर काम बंद कर देने का आदेश है. बावजूद विभागीय आदेश के काम किया जा रहा है. आदेश को दरकिनार कर एक माह से अधिक समय से पलामू जिले के विभिन्न प्रखंडों ने सैकड़ों योजनाएं चल रही हैं.

मामले में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने नाराजगी जतायी है. उन्होंने इसे लेकर जांच के आदेश दिए हैं. 24 घंटे में जांच पूरी कर रिपोर्ट देने का निर्देश जिला के उपविकास आयुक्त को दिया गया है.

कैसे पकड़ में आयीं योजनाएं

दरअसल, योजनाओं को लेने के बाद उसका मास्टर रॉल लागू किया जाता है. मास्टर रॉल भरकर उसे ऑनलाइन किया जाता है, ताकि मजदूरी भुगतान हो सके. जिले में चल रही योजनाओं को लेकर मास्टर रॉल निकाला जा रहा था और उसे भरकर ऑनलाइन किया गया. इसके बाद मामला पकड़ में आया.

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9 जुलाई को हुई थी समीक्षा बैठक

मनरेगा में चल रही योजनाओं को लेकर गत 9 जुलाई को रांची में समीक्षा बैठक हुई थी. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने सभी जिलों के उप विकास आयुक्तों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए कहा था कि रोक के बावजूद पलामू जिले में 15 जून के बाद मिट्टी का कार्य जैसे तालाब का गहरीकरण, कुंआ का निर्माण, डोभा निर्माण, पइन की सफाई एवं सड़क निर्माण का कार्य किया जा रहा है.

नाराजगी जाहिर करते हुए ग्रामीण विकास विभाग के सचिव ने इस सिलसिले में पत्र जारी किया है. 19 जुलाई को पूरे दिन प्रखंड प्रभारियों से जांच कराकर प्रतिवेदन अगले दिन 20 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे तक प्रेषित करने का निर्देश दिया है. यह भी निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान इसका भी पता लगाया जाए कि मौके पर चल रही योजनाओं से कितने लोगों को वास्तविक लाभ मिल रहा है.

उप विकास आयुक्त ने बनायी जांच टीम

निर्देश के बावजूद भी 15 जून के बाद से काम हो रही योजनाओं की जांच करने के लिए जिले के उप विकास आयुक्त ने जांच टीम का गठन किया है. सभी से एक ही दिन में सभी प्रखंडों में उक्त योजनाओं की जांच कर लेने का निर्देश जारी किया है.

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जिले में चल रही हैं 7343 योजनाएं

रोक के बाद भी जिले में 7343 योजनाएं चलायी जा रही हैं. इसमें आरसी (रोड कनेक्टिविटी) की सबसे अधिक 4012 योजनाओं को पूर्ण करने की कोशिश की जा रही है. तालाब के गहरीकरण की 3 हजार 154 योजनाएं हैं. तालाब जीर्णोद्धार की 177 योजनाएं ली गयी हैं और उसे केवल हरिहरगंज प्रखंड में पूरी करने की कोशिश की जा रही है.

प्रखंडवार तालाब निर्माण की हैं इतनी योजनाएं

जिले में प्रखंडवार तालाब निर्माण की कई योजनाएं ली गयी हैं. जिले के छतरपुर में 320, नवडीहा बाजार में 349, हरिहरगंज में 177, पांकी में 378, रामगढ़ में 285, मोहमदगंज में 131, विश्रामपुर में 197, हैदरनगर में 240, चैनपुर में सबसे अधिक 466, सतबरवा में 283, लेस्लीगंज में 435 और उंटारी रोड में 213 योजनाएं शामिल हैं. आरसी (रोड कनेक्टिविटी) की योजनाओं पर नजर डाली जाये तो हुसैनाबाद में सबसे अधिक 745 योजनाएं चल रही हैं. लेस्लीगंज में 435, ऊंटारी रोड में 213, तरहसी में 473, नवडीहा बाजार में 349, पाटन में 561, पांकी में 378, छतरपुर में 320, पांडु में 309, नवाबाजार में 229 योजनाएं चल रही हैं.

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