
Chakradharpur: दक्षिण पूर्व रेलवे चक्रधरपुर रेल मंडल के डोंगापोसी रेल खंड में पदापहाड़ रेलवे स्टेशन अंतर्गत थर्ड लाइन निर्माण में रेलवे द्वारा 2008 में बिछाने का कार्य किया गया. लेकिन गरीब जनता का रेलवे द्वारा जमीन का अधिग्रहण करने के बावजूद भी रैयतों को रेलवे में नोकरी और ना ही मुआवजा दिया गया हैं । इस मामले को लेकर पश्चिमी सिंहभूम के सांसद गीता कोड़ा काफी गंभीर है, बुधवार को इस मामले को लेकर चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय में डीआरएम कार्यालय में सांसद गीता कोड़ा, डीसी अनन्य मित्तल , भू अर्जन पदाधिकारी एजाज अहमद , चक्रधरपुर एसडीओ रीना हांसदा, पक्षी छूट आईपीएस राजलक्ष्मी और डीआरएम एजे राठौड़ के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई। जिसमें सांसद गीता कोड़ा ने रैयतों के साथ रेलवे द्वारा किया गया करार को डीआरएम और डीसी के समक्ष रखा और रैयतों को उनका हक देने की मांग की. सभी के बीच घंटों चली बैठक में सहमति बनी की 27 जुलाई को मामले को लेकर पड़ापहाड़ में रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारी एक संयुक्त रूप से सर्वे की जाएगी। जिसमें मुख्य रूप से एडीसी और जिला भूअर्जन पदाधिकारी मौजूद रहेंगे. मामले के सत्यापन के बाद रैयतों को मुआवजा देने की कार्रवाई आगे बढाई जाएगी।

रेलवे द्वारा जमीन के बदले रेलवे में नौकरी और मुआवजा देने का किया था वादा
चक्रधरपुर रेल मंडल के पदापहाड़ में रेलवे द्वारा 2008 में थर्ड लाइन निर्माण के लिए रेलवे ने स्थानीय रैयतों की जमीन का अधिग्रहण किया था। रैयतों में शामिल सुशीला बालमूचू ने कहा की रेलवे ने उनकी जमीन के बदले रेलवे में नौकरी और मुआवजा देने का वादा किया गया था तब जाकर हमने अपनी जमीन दी थी। लेकिन इतने सालों बाद भी उन्हें ना तो मुआवजा का राशी मिला और ना ही रेलवे में नौकरी। रेलवे ने हमारे जमीन से मिट्टी का भी उठाव किया था उसका भी मुआवजा अब तक नहीं दिया गया.तक़रीबन 90 रैयत हैं जिनकी जमीन रेलवे ने ले ली लेकिन नौकरी और मुआवजा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि
रैयतों की मांग रेलवे के अधिकारी कभी भी गंभीरता से नहीं लेते हैं जब भी वे मुआवजा के लिए जाते हैं तो डीआरएम उनका मजाक बनाते हैं और कहते हैं की सांसद के लिख देने से तुम्हें क्या मुआवजा और नौकरी मिल जायेगी। डीआरएम की ऐसी बातों से भी रैयत दु:खी हैं. उन्होंने कहा कि मुआवजा को लेकर कई बार हमने रेल जाम भी किया था. लेकिन हमेशा आश्वासन ही मिला.
इस मामले को लेकर सांसद गीता कोड़ा लगातार प्रयासरत हैं। सांसद के प्रयास से ही चक्रधरपुर में डीसी डीआरएम और उनकी त्रिपक्षीय वार्ता हुई। इस वार्ता के बाद उम्मीद बंधी है की रैयतों को जल्द ही सर्वे के बाद उन्हें उनका हक़ मिल जायेगा।
वार्ता सफल हुआ रैयतों को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाएगी: सांसद
सांसद गीता कोड़ा ने कहा की वार्ता सकारत्मक रही है. रैयतों को मुआवजा देने के लिए सभी अधिकारीयों ने दिशा निर्देश जारी किया गया है। जरुरी सरकारी प्रक्रिया के बाद रैयतों को उचित मुआवजा और नौकरी दी जाएगी। सांसद गीता कोड़ा ने कहा की इस रैयतों को मुआवजा देने में बहुत देर की गयी है, यह बिलकुल भी बर्दाश्त करने लायक नहीं है.
27 जुलाई को होगा सर्वे : डीसी
पश्चिमी सिंहभूम जिला के उपायुक्त अनन्य मित्तल ने कहा कि त्रिपक्षीय वार्ता हुई हैं. इसमें रेलवे और जिला के भू अर्जन पदाधिकारी द्वारा 27 जुलाई को थर्ड लाइन निर्माण स्थल का सर्वे किया जाएगा जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा.
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