
Ranchi : विधानसभा सत्र के पहले दिन सुभाष मुंडा हत्याकांड का मुद्दा गर्म रहा. झारखंड की विधि व्यवस्था को लेकर मॉनसून सत्र के पहले दिन भारतीय जनता पार्टी के विधायक सदन के बाहर धरना पर बैठ गया. धरना दे रहे विधायकों ने सरकार से सुभाष मुंडा हत्याकांड की जांच सीबीआइ से कराये जाने की मांग की. झारखंड की विधि व्यवस्था को लेकर मॉनसून सत्र के पहले दिन भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने सदन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया. कहा कि आदिवासियों की हत्यारी और बलात्कारी सरकार है हेमंत सोरेन की सरकार. उन्हें गद्दी छोड़ देनी चाहिए. विधायक अमर कुमार बाउरी ने कहा कि सुभाष मुंडा की हत्या की सीबीआइ जांच हो. दूसरे विधायकों ने भी इसकी मांग की. अमर बाउरी ने कहा कि आज झारखंड की विधि व्यवस्था चरमराई हुई है. एक तरफ लोग डर के साये में जी रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अपराधी अपराध कर बड़ी आसानी से निकल जा रहे हैं. जिस तरह से सुभाष मुंडा की हत्या सरेआम उनके घर के कार्यालय में कर दी गई, इससे राज्य की राजधानी की विधि व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. दूसरी तरफ धनबाद और चंदनकियारी जैसी जगहों पर भी अपराधियों का बोलबाला लगातार बढ़ रहा है. ऐसी निकम्मी सरकार को सत्ता में रहने का कोई औचित्य नहीं है, मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.
दोषी को खोज कर देंगे सजाः राजेश कच्छप
इधर कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप ने विपक्षी दलों पर जम कर बरसे. कहा कि 18 साल सत्ता में रहे और राज्य को केवल लूटने का काम किया. ये लोग आदिवासियत की बात करते हैं तो स्थानीयता के मामले में क्यों चुप हो जाते हैं. जहां तक सुभाष मुंडा की हत्या की बात है तो यह गलत हो गया, उसकी निंदा करते हैं, सुभाष मेरा दोस्त था. सरकार सुभाष के हत्यारे को ढूंढ़ कर सजा देगी.
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