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मोमेंटम झारखंड तो याद ही होगा…सीएम आवास के पास लगा चेंबर का होर्डिंग्स उसी का फाइनल रिजल्ट है

व्यापारियों की मार्मिक पुकार- अब तो सुध लो सरकार

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Akshay Kumar Jha
Ranchi: 16 फरवरी 2017 को इस सरकार का ही नहीं बल्कि झारखंड बनने से लेकर अबतक का सबसे बड़ा मेगा शो शुरू हुआ था. नाम था मोमेंटम झारखंड- ग्लोबल इंवेस्टर समिट. मोमेंटम झारखंड के आयोजन के बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि राज्य को इस समिट से उम्मीद से दोगुना मिला है.

कुल 210 एमओयू हुए. 3,10,277 करोड़ के निवेश का करार कंपनियों ने किया. 11,000 से ज्यादा रजिस्टर्ड डेलिगेट्स आये. जिसमें 600 डेलिगेट्स विदेशी थे. सरकार की तरफ से दावा किया जा रहा था कि झारखंड इस समिट के बाद देश का पहला ऐसा राज्य हो जायेगा जहां सबसे ज्यादा उद्योग, रोजगार और निवेश होगा.

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अब तीन सालों के बाद मोमेंटम झारखंड पर खर्च का नतीजा यानि रिजल्ट सामने आ चुका है. वो रिजल्ट एक होर्डिंग्स के जरिए फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कांके रोड में मुख्यमंत्री आवास के नजदीक लगाया है. जिसमें कारोबारी त्राहिमाम का संदेश दे रहे हैं. सीएम रघुवर दास से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें डूबने से बचा लिया जाए.

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सरकार की नीतियों से आजिज चेंबर ने गुहार लगाते हुए कहा है कि “व्यापारियों की मार्मिक पुकार- अब तो सुध लो सरकार. इसके साथ ही लाल रंग से बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है बिजली की आंख मिचौली जारी है, आज एक और बंदी की बारी है. सिंगल विंडो का एक ही मोटो-दर-दर के तुम चक्कर काटो.”

चेंबर की लाचारी साफ तौर से झलक रही है. लेकिन देखने वाली बात है कि गुहार किसके आगे लगायी जा रही है. गुहार उस सरकार के आगे लगायी जा रही है, जिन्होंने उद्योगों को बढ़ावा देने का नाम पर पैसा पानी की तरह बहाया. चेंबर की तरफ से ऐसे होर्डिंग्स लगाने वक्त हमें उस खर्च का जिक्र भी करना चाहिए जो मोमेंटम झारखंड के नाम पर हुए.

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सिर्फ विज्ञापन पर खर्च हुए थे 44.55 करोड़

  • पब्लीसिटी के लिए सिर्फ टीवी और रेडियो पर सरकार ने 12 करोड़ 77 लाख रुपए खर्च किये. टीवी न्यूज चैनलों और स्पेशल फीचर पर 7 करोड़ 37 लाख रुपये खर्च हुए. वहीं डिजिटल मीडिया पर सरकार ने 1 करोड़ 27 लाख रुपये खर्च किये. कुल मिलाकर सरकार ने इन तीनों फॉर्मेट पर 21 करोड़ 41 लाख रुपये खर्च किये.

  • सरकार ने होर्डिंग्स और बैनर में 9 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किये. जिसमें होर्डिंग्स और बैनर पर 8 करोड़ 95 लाख और दूसरे तरीके से विज्ञापन करने के लिए 35 लाख रुपये खर्च किये गये. सरकार ने 2 करोड़ 15 लाख 97 हजार रुपये का विज्ञापन पर टैक्स भरा. कुल मिला कर सरकार के खजाने से मीडिया कंपनी एड फैक्टर की फीस और टैक्स जोड़ते हुए 43 करोड़ 55 लाख 22 हजार रुपये खर्च हुए.

  • प्रिंट मीडिया के विज्ञापनों पर 7 करोड़ 68 लाख 25 हजार रुपये खर्च किए. जिसमें झारखंड के अखबारों पर 2 करोड़ 49 लाख रुपये, झारखंड से बाहर के अखबारों को 3 करोड़ 88 लाख रुपये, नेशनल मैगजीन पर 16 लाख 25 हजार रुपये, स्पेशल फीचर मैगजीन पर 30 लाख रुपये, इंटरनेशनल न्यूज पेपर पर 79 लाख, लोकल मैगजीन पर 6 लाख रुपये खर्च हुए.

कहां कितने खर्च हुए थे

हॉर्टिकल्चर एंड लैंड स्केपिंग- 8,62,500
इंटरनेट एवं फोन कनेक्शन- 20,02,303
मीडिया मीट 19 जनवरी- 15,409.50
एयरपोर्ट में प्रोजेक्ट चार्ज- 36,000
चार्टर्ड फ्लाईट- 1,40,67,063
एयरपोर्ट लाउंज- 11,73,000
कंट्री फ्लैग्स- 45,562
गोल्फ कोर्टर्ट- 51,700
ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट- 10, 35,000
अन्य- 35,459.20
कुल- 15,96,33,214.22
सीआइआइ का कमीशन- 1,13,60,137.04
सर्विस टैक्स- 17,04,020.56
टोटल- 17,26,97,371.96

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