
Ranchi: सरकार की नीतियों के कारण आर्थिक मंदी ने अब झारखंड के छोटे-बड़े व्यापारियों की नींद उड़ा दी है. वहीं झारखंड सरकार की नीतियों, बिजली की कुव्यवस्था, सिंगल विंडो सिस्टम की विफलता ने व्यापारियों के संगठन को रांची शहर में होर्डिंग लगाने के लिए मजबूर कर दिया है.
फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने कांके रोड में मुख्यमंत्री आवास के नजदीक एक होर्डिंग लगाया है. इसके अलावा चेंबर ने राजधानी में 10 जगहों पर और भी दो तरह के और होर्डिंग्स लगाये हैं.
चेंबर द्वारा लगाये गये होर्डिंग में लिखा हैः व्यापारियों की मार्मिक पुकार- अब तो सुध लो सरकार. इसके साथ ही लाल रंग से बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा गया है बिजली की आंख मिचौली जारी है, आज एक और बंदी की बारी है. सिंगल विंडो का एक ही मोटो-दर-दर के तुम चक्कर काटो.
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होर्डिंग लगाकर किया सरकार का विरोध

होर्डिंग में सफेद रंग से लिखा गया हैः झारखंड राज्य के सभी व्यापारियों-व्यवसायियों-उद्यमियों की ओर से व्यवस्था में सुधार के लिए किये गये अथक प्रयासों का संतोषजनक परिणाम अब तक सामने नहीं आ सका है. अतः हम सब मजबूर होकर सरकार के सामने त्राहिमाम संदेश रखना चाहते हैं.
साथ ही इसमें यह भी लिखा गया है कि मान्यवर, ये उद्धार हम सभी व्यापारियों के दर्द को बयां करने के लिए काफी है. हमने अबतक सभी लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन किया और हरेक दरवाजे को अपने ज्ञापनों, आवेदनों के माध्यम से खटखटाया. लेकिन बड़े अफसोस से कहना पड़ रहा है कि इस वर्ग के सामने अब मुखर विरोध प्रकट करने के सिवाय कोई और चारा नहीं बचा है.
वहीं एक अन्य होर्डिंग में चेंबर ने लिखा है : ट्रांसपोर्टिंग का व्यापार, पुलिस-अफसर से है लाचार…औद्योगिक क्षेत्र का हाल बुरा है, नाली,नाला,कचरा भरा है…
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चेंबर की ओर से पहली बार होर्डिंग लगाकर हुआ विरोध
झारखंड में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ कि चेंबर ने इस तरह से होर्डिंग लगाकर सरकार पर सवाल खड़े किये हैं. चेंबर ने होर्डिंग में जो तथ्य लिखे हैं, वह सरकार के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
बिजली की स्थिति लगातार खराब है. व्यवसायी और उद्यमी पिछले करीब डेढ़ साल से आवाज उठा रहे हैं. लेकिन बिजली वितरण की गड़बड़ियां दूर नहीं हुई हैं. ताज्जुब की बात यह है कि बिजली विभाग के मंत्री खुद मुख्यमंत्री रघुवर दास हैं. वह बहुमत के सरकार की बात करते हैं.
कहते हैं कि 14 साल में जो नहीं हुआ, वह उनके कार्यकाल में हुआ. लेकिन चेंबर का होर्डिंग सीएम के दावे को झूठा साबित कर रहा है.
व्यवसायियों और उद्यमियों को दिक्कत ना हो, इसके लिए सरकार ने सिंगल विंडो सिस्टम बनाया था. इसका उद्देश्य था कि उद्यमियों को अपने काम के लिए ऑफिस-ऑफिस का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. एक ही जगह से उनका सारा काम हो जायेगा.
पर, होर्डिंग में साफ कहा गया है कि सिंगल विंडो सिस्टम का मोटो (उद्देश्य) ही यह हो गया है कि तुम (उद्यमी) दर-दर की ठोकर खाओ.
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