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विधायक विनोद सिंह बोले- संविधान दिवस के दिन किसानों पर केंद्र ने कराया लाठीचार्ज

  • कृषि बिल के खिलाफ किसानों के संसद मार्च को राज्य के किसान संगठनों ने दिया समर्थन, निकाला विरोध मार्च

Ranchi: कृषि बिल के विरोध में किसान संगठनों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया. संसद मार्च करने जा रहे हरियाणा और पंजाब के किसानों के साथ हुए दुर्व्यवहार पर विरोध जताया. बगोदर विधायक विनोद सिंह किसानों के आंदोलन में शामिल हुए.

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के तीन काला कानून के किसानों और मजदूरों को विरोध प्रदर्शन के लिये मजबूर किया है. लाखों किसान सड़कों में है, लेकिन केंद्र की सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही. श्रम कानूनों में बदलाव, कृषि बिल ऐसे कानून लाकर सरकार मजदूरों और किसानों को कमजोर करना चाह रही है.

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हरियाणा, पंजाब ,महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश में लाखों की संख्या में दिल्ली संसद भवन घेराव करने जा रहे किसानों पर मोदी सरकार लाठियां बरसा रही है. आंसू गैस के गोले चलाए जा रहे हैं. जगह-जगह पर बैरेकैडिंग कर रोका जा रहा है. संविधान दिवस के अवसर पर किसानों पर सरकार लाठियां बरसा रही है.

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उन्होंने कहा कि झारखंड के किसान इन आंदोलनों और संर्घषों का समर्थन करते है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि सरकार किसान मजदूर विरोधी इन काला कानूनों को वापस ले.

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किसानों को भी मजदूर बना दिया जायेगा

अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि कृषि कानून में बदलाव कर सरकार किसानों को मजदूर बनाने की साजिश कर रही है. बड़ी कंपनियों को लाभ देने के लिये कानूनों में बदलाव किया जा रहा है जिससे लोगों की जमीन हड़पी जा सकें और श्रमिक वर्ग को दबाया जा सके.

बड़ी कंपनियों के खेती में आने से किसान मजदूर बन जायेंगे. ये अन्नदाताओं का अपमान है. उन्होंने कहा कि किसानों की स्थिति ऐसी ही बदतर होते जा रही है. उन्हें सहायता देने के बजाय सरकार उन पर कहर बरपा रही है.

इसके पहले किसानों की ओर से रैली निकाली गयी थी. जो राजभवन के पास जा कर आम सभा में बदली. प्रदर्शन अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बनैर तले किया गया.

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मांग

इस दौरान राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कृषि बिल को वापस लेने, इन कानूनों पर राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाकर निरस्त करें, किसानों के हित में एमएसपी के लिये कानून बनायें, गांव गांव में किसान क्लब बनायें जायें, किसानों से धान की ररखरीदारी में बिचौलियों को समाप्त किया जाये समेत अन्य मांगें की गयीं.

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देशव्यापी विरोध दिवस के तहत डोमचांच में प्रदर्शन और सभा

Koderma: देशव्यापी विरोध दिवस के तहत किसान विरोधी कृषि कानूनों के खिलाफ अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर अखिल भारतीय किसान महासभा और झारखण्ड राज्य किसान सभा (ए आई के एस ) के संयुक्त बैनर तले डोमचांच बाजार मे विरोध प्रदर्शन व सभा आयोजित किया गया.

इससे पूर्व महेशपुर चौक से शहीद चौक तक जुलुस निकला गया. अध्यक्षता किसान महासभा के जिला संयोजक राजेंद्र मेहता ने की. वक्ताओं ने कहा कि आज दिल्ली के जंतर-मंतर में देश के सभी राज्यों की राजधानी और गांव कस्बों में मजदूर विरोधी श्रम संहिता और किसान विरोधी कृषि कानून थोपने के खिलाफ किसान विरोध कर रहे हैं. संसद मे घोर अलोकतांत्रिक तरीके से जिस तरह कृषि कानूनों को पारित घोषित किया गया है, उससे साफ है कि केंद्र की भाजपा नेतृत्व वाली नरेंद्र मोदी सरकार को न तो संसदीय जनतंत्र की परवाह है और न ही देश के संविधान पर कोई आस्था है.

इस सरकार ने देशी – विदेशी कॉरपोरेटों के आगे घुटने टेकते हुए देश की अर्थव्यस्था और खाद्यान्न बाजार को इनके पास गिरवी रख दिया है, ताकि ये आम जनता को लूटकर अधिकतम मुनाफा कमा सके. केंद्र सरकार के तीनों कानूनों को भले ही सरकार किसान हित में बता रही है लेकिन ये अन्नदाता किसान हित में है नहीं.

इस दौरान दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को रोकने के लिए राज्यों के बॉर्डर में पुलिस द्वारा किसानों पर सख्ती बरतने, उनपर आंसू गैस के गोले छोड़ने, वॉटर कैनन, पानी की बौछार का इस्तेमाल किए जाने की निंदा की गयी.

प्रदर्शन मे माले के जिला सचिव मोहन दत्ता, ए आई के एस के असीम सरकार, तुलसी राणा, भगीरथ सिंह, बिरेन्द्र घटवार, जोबराज साव, शिवनारायण यादव, प्रकाश यादव, मनीष कुमार, मोहित सिंह ,रामलखन दास सहित दर्जनों लोग शामिल थे.

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