
Chandi Dutta Jha
Ranchi: रांची के सीमावर्ती इलाकों में पीएलएफआइ के उग्रवादी लंबे समय से चुनौती बने हुए हैं. जेल में बंद पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश के साये की तरह रहने वाले 15 लाख के इनामी मार्टिन केरकेट्टा इन दिनों रांची के सीमावर्ती इलाके में सक्रिय है. मार्टिन केरकेट्टा दुर्गा सिंह और अमृत होरो सहित करीब आधा दर्जन सहयोगी के साथ लापूंग इलाके में कई बार देखा गया है. पुलिस सुत्रों की माने तो वह सिविल में बिना हथियार के घूमते देखा गया है. बीते शनिवार को पुलिस उसके एक सहयोगी एरिया कमांडर ओड़िया टोपनो को गिरफ्तार किया है. पुलिस फिलहाल गुप्त ठिकाने पर रखकर पूछताछ कर रही है. हालांकि अमृत होरो जंगल का लाभ उठाकर बच निकला.
पीएलएफआइ के सुप्रीम दिनेश गोप के पकड़े जाने के बाद अब संगठन की जिम्मेवारी मार्टिन के कंधे पर है. मूलरुप से गुमला जिले के कामडारा थाना क्षेत्र स्थित रेड़मा निवासी मार्टिन केरकेट्टा दिनेश गोप के बाद सेकेंड मैन के रूप जाना जाता है. मार्टिन पीएलएफआइ के केंद्रीय समिति का सदस्य है. जानकारी के अनुसार मार्टिन केरकेट्टा दिनेश गोप के साथ शुरुआती दिनों से रह रहा है. दोनो एक साथ लापुंग के महुगांव स्थित स्कूल में पढ़ाई करते थे. बाद में दोनों ने एक साथ संगठन का विस्तार किया. मार्टिन कई घटनाओं में दिनेश गोप के साथ शामिल रहा है. तीन फरवरी 2023 को पश्चिमी सिंहभूम के गुदड़ी थाना क्षेत्र में पीएलएफआइ और पुलिस में मुठभेड़ में दिनेश गोप की बांह में गोली लगी थी. कुछ दिन बाद दिनेश गोप और मार्टिन नेपाल पहुंचा, जहां उसने अपना इलाज कराया. उसकी देखरेख मार्टिन ही कर रहा था.
मार्टिन केरकेट्टा को बनाया गया है पीएलएफआइ का अध्यक्ष
मार्टिन केरकेट्टा को पीएलएफआई का अध्यक्ष बनाया गया है. एक फरवरी को सारंडा इलाके में पीएलएफआइ के केंद्रीय कमेटी की बैठक कृष्णा यादव की अध्यक्षता में हुई थी. बैठक में मार्टिन केरकेट्टा को पीएलएफआइ का अध्यक्ष और दुर्गा सिंह को उपाध्यक्ष, केंद्रीय कमेटी सदस्य के रूप में कृष्णा यादव, जयप्रकाश यादव, महादेव मुंडा, अमृत होरो, अमर सिंह मुंडा, संतोष यादव, कमल पाहन, कृष्णा हांसदा, जोन मुंडा, शंकर मरांडी, कामदेव पासवान, नासिर अंसारी, संतोष उरांव, अरविंद घोष, शंकर महाकुड़ और महेश प्रजापति का चयन किया गया.
केंद्रीय कमेटी की बैठक में जेल में बंद दिनेश गोप के बताये गये सिद्धांत को आगे बढ़ाने, अधिकार की लड़ाई के लिए शस्त्र आंदोलन को तेज करने की बात कही गयी है. बैठक में झारखंड के अलावे संगठन का छः राज्यों में विस्तार का निर्णय लिया गया. झारखंड स्टेट कमेटी सदस्य कृष्णा यादव, बंगाल स्टेट कमेटी सदस्य अरविंद घोष व महेश प्रजापति, छत्तीसगढ़ स्टेट कमेटी सदस्य संतोष यादव व भगत उरांव, ओडिशा स्टेट कमेटी सदस्य शंकर मुंडा, बिहार स्टेट कमेटी सदस्य जयप्रकाश यादव और असम स्टेट कमेटी सदस्य मुखिया जी को बनाया गया.
रांची के सीमावर्ती इलाको में चुनौती बने है उग्रवादी
राजधानी रांची के सीमावर्ती इलाकों में उग्रवादी लंबे समय से चुनौती बने हुए हैं. लंबे समय से रांची के सीमाना इलाके को नक्सलियों ने सॉफ्ट टार्गेट बना रखा है. यहां चल रहे कंस्ट्रक्शन, रेलवे लाइन, क्रशर, कोयला कारोबारी सहित अन्य कारोबारियों से लेवी वसूलने के लिए लगातार नक्सल घटनाएं सामने आती रही है. पीएलएफआई की आय का प्रमुख का स्रोत जबरन लेवी की वसूली करना है.
मार्टिन केरकेट्टा अपने तीन चार सहयोगी के साथ रांची गुमला के सीमावर्ती इलाके में स्थित लापूंग, बूढ़मू सहित अन्य क्षेत्र में देखे गये है. उसके साथ अमृत होरो, दुर्गा सिंह और एक अन्य सहयोगी भी देखे गये है. पुलिस उसपर नजर रख रही है.
डीआईजी, रांची रेंज, अनूप बिरथरे




