
Giridih / Chatra / Bermo / Palamu : जानलेवा बीमारी कोरोना का संक्रमण फैलने और लोगों को बचाने के लिए राज्य के हेंमत सोरेन सरकार ने पूरे राज्य में लॉकडाउन की घोषणा तो कर दी, लेकिन सरकार के लॉकडाउन का असर फिलहाल गिरिडीह शहर में नजर नहीं आ रहा है. क्योंकि घोषणा के पहले दिन ही शहर के चौक-चौराहों में आवागमन जारी था.
मोबाइल, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रिोनिक, कपड़ा के साथ जूता-चप्पलों के अलावे फास्ट फूड की दुकान सामान्य दिनों की तरह खुले थे. हालांकि इन दुकानों में खरीदारों की भीड़ ना के बराबर रही. लेकिन राज्य सरकार के द्वारा लॉकडाउन किये जाने के बाद पहले ही दिन जिस प्रकार से बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ी, इसे एक सवाल जरुर पैदा हो गया कि आखिर यही हालात रहे तो कोरोना के संक्रमण को रोक पाना संभव नहीं होगा.
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बेरमो में सामान्य दिनों की तरह बाजार खुले, पुलिस की सख्ती के बाद दूकानें बंद हुईं

कोरोना का संक्रमण को रोकने और लोगों को इससे बचाव को लेकर जितनी केंद्र एवं राज्य की सरकार चिंतित है, उतनी चिंता शायद आमलोगों को नहीं है. राज्य सरकार ने पूरे राज्य में सोमवार से लॉकडाउन की घोषणा कर रखी है. लेकिन पीएम के जनता कर्फ्यू की मियाद समाप्त होते ही सोमवार को बेरमो अनुमंडल के फुसरो, चंद्रपुरा, भडारीदह, कथारा, गोमिया, बोकारो थर्मल, ललपनिया आदि स्थानों में सामान्य दिनों की ही तरह बाजार एवं दूकानें खुल गयीं.
सड़कों पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही आरंभ हो गयी. बेरमो से विभिन्न स्थानों के लिए रांची, धनबाद, हजारीबाग,बोकारो स्टील आदि के लिए वाहनों का परिचालन भी हुआ. डीवीसी, टीटीपीएस के पावर प्लांटों एवं सीसीएल की कोलियरियों से कोयला लदे हाईवा का परिचालन भी सामान्य दिनों की ही तरह रहा. मानो सरकार के लॉकडाउन का असर कहीं भी नजर नहीं आ रहा हो.
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चतरा में दिखा व्यापक असर

कोरोना वायरस नामक वैश्विक महामारी से निपटने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा देशव्यापी जनता कर्फ्यू को अपार समर्थन मिला. इसके बाद राज्य सरकार द्वारा इस वायरस से निजात दिलाने को लेकर झारखंड में लॉक डाउन की घोषणा की गयी. पूरे चतरा शहर में इसका व्यापक असर देखने को मिला. लॉक डाउन लागू होने के बाद जहां पूरे जिले में सारी दुकाने बंद देखी गयीं, वहीं किराना और फल-सब्जियों व दूध आदि से जुड़ी सभी अति आवश्यक सेवाएं खुली रहीं.
इधर चतरा सदर अस्पताल में भी चिकित्सकों के समक्ष कई मरीज अपने अपने इलाज करवाते दिखे. दूसरी ओर चतरा बाजार में बंद का पूरा असर देखा गया. लोगों द्वारा जरूरतों की चीजों की खरीदारी को लेकर सिर्फ सब्जियों व किराना की दुकानों पर अधिक भीड़ देखी गई, किंतु अन्य दिनों की भांति अपेक्षाकृत बाजार में लोगों की उपस्थिति कम नजर आयी.
पलामू में रामनवमी पर नहीं निकलेगा अष्टमी और नवमी का जुलूस

पलामू जिले में रामनवमी उत्सव पर जुलूस निकालने की परंपरा काफी प्राचीन है. लेकिन इस बार कोरोना वायरस के कारण इस परंपरा पर ब्रेक लग जाएगा. 86 वर्ष के दौरान पहली बार जिला मुख्यालय मेदिनीनगर में अष्टमी और नवमी का जुलूस नहीं निकाला जाएगा.
स्थानीय रिलेक्स इन होटल में सोमवार को हुई श्री महावीर नवयुवक दल जेनरल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. अध्यक्षता जेनरल के अध्यक्ष दुर्गा प्रसाद जौहरी ने की. बैठक में कहा गया कि श्री महावीर नवयुवक दल जेनरल लॉकडाउन में जिला प्रशासन को पूर्णतः सहयोग करेगा. वहीं रामनवमी पूजा में सभी कमिटियों को निर्देश दिया गया कि अपने अपने स्थल पर पूजा करेंगे.
वहीं रामनवमी जेनरल कोयल नदी किनारे परंपरागत पूजा स्थल की ही परिक्रमा करेगा. बैठक में कहा गया कि पूरे झारखंड में लॉकडाउन हो गया है. ऐसे में परंपरा का निर्वाह करना भी जरुरी है और खुद को बचाना भी जरुरी है. केरोना वायरस के कारण इस वर्ष रामनवमी पूजा उत्सव सादगीपूर्ण ढंग से मनाया जाएगा.
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