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निबंधन कार्यालय में अंगद की तरह जमे हुए हैं कई कर्मचारी,  ACB कर रही कईयों की संपत्ति जांच

Vineet Upadhyay

Ranchi : रांची के लगभग सभी निबंधन कार्यालयों में कार्यरत दर्जनों कर्मचारी लंबे अरसे से अंगद की तरह अपने पांव जमाये हुए हैं. यह हम नहीं कह रहे बल्कि इस बात का खुलासा एक आरटीआइ के जवाब में हुआ है. दरअसल रांची के आरटीआइ एक्टिविस्ट पंकज यादव ने सूचना के अधिकार के तहत एक आरटीआइ दायर किया था.

जिसमें पंकज ने निबंधन कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों की सूची,वे कब से कार्यालय में जमे हुए हैं, इससे संबंधित जानकारी एवं इनकी संपत्ति का ब्यौरा मांगा  था. लेकिन सक्षम पदाधिकारी के द्वारा सिर्फ इतना जवाब दिया गया कि कौन सा कर्मचारी कितने वर्षों से निबंधन कार्यालय में अपने पांव जमाये हुए हैं.

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10 वर्षों में करोड़ों की संपत्ति अर्जित की

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की रांची के कचहरी स्थित निबंधन कार्यालय में आधा दर्जन से ज्यादा वैसे कर्मचारी हैं, जो लगभग 10 वर्षों से रांची के कचहरी के निबंधन कार्यालय में ही पदस्थापित हैं. इतना ही नहीं सूत्रों की मानें तो इन 10 वर्षों में कई कर्मचारियों ने करोड़ों रुपए की संपत्ति भी अर्जित की है और इनकी इस कमाई का जरिया जानने की कोशिश एसीबी भी कर रही है.

आइये आपको बताते हैं कौन कब से पदस्थापित है

निमिला सिंकू – 2000 से अब तक

रमेश राम मोची – 2005 से अब तक

खालिद आजमी – 2008 से अब तक

संजय गुप्ता- 2009 से अब तक

जावित्री मिंज – 2014 से अब तक

रिणा मुंडा – 2006 से अब तक

विमल चन्द्र बोस – 2009 से अब तक

विश्वजीत उरांव – 2006 से अब तक

बलराम महतो – 2011 से अब तक

आनन्द कुमार – 2011 से अब तक

राज्य स्थापना के बाद से अब तक 10 अवर निबंधक रांची के कचहरी स्थित निबंधन कार्यालय में अपनी सेवा दे चुके हैं. लेकिन अन्य कर्मचारियों का तबादला नहीं होना गम्भीर सवाल खड़े करता है. इसके साथ ही सवाल ये भी उठता है कि इनपर किसकी मेहरबानी है एवं इनकी सम्पतियों की जांच एसीबी कब तक पूरी करेगी.

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