Chandi Dutta Jha
Ranchi, 30 October : डेली मार्केट थाना राजधानी रांची के बीचों-बीच स्थित है. इसे 2015 में पूर्ण थाने का दर्जा दिया गया था. उस वक़्त आस जगी थी कि अब यह थाना सभी सुविधाओं से संपन्न हो जाएगा. मगर दो साल बाद भी थाने को सुविधा संपन्न बनाना तो दूर, मौलिक एवं जरुरी सुविधाओं का भी आभाव यहां बरकरार है.
आज भी यह थाना कई असुविधाओं से जूझ रहा है. पुलिस व्यवस्था को आधुनिक और सशक्त बनाने के लिए विभागीय स्तर पर कई प्रयास किये जाने के दावे होते रहते हैं. मगर राजधानी रांची में स्थित डेली मार्केट थाने को देखने से सच्चाई पर से पर्दा उठ जाता है. इस थाने में कई समस्यायें हैं जिस कारण पुलिस पदाधिकारियों और सिपाहियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. थाना परिसर में रहने वाले पुलिस कर्मियों के लिए समुचित व्यवस्था नहीं है.
बैरक की स्थिति काफी खराब
थाने में बने आरक्षी बैरक की स्थिति काफी खराब है. जवानों को इसी में रहना पड़ता है. बैरक में गरमी में घूप से तो बारिश में पानी से जवानों को परेशानी होती है. इस खस्ताहाल परिस्थितियों में भी जवान थाना परिसर में रहकर ड्यूटी करने को मजबूर हैं.
कोतवाली थाने के हाजत में रखा जाता है आरोपी को
डेली मार्केट थाना परिसर में हाजत की कोई व्यवस्था नही है. दिन में गिरफ्तार आरोपी को अगर जेल ना भेजा गया तो उसे थाने में रखने तक की समस्या हो जाती है. खासकर रात के समय में थाना परिसर में गिरफ्तार किये गये आरोपियों को रखने की कोई व्यवस्था नही है. इस कारण गिरफ्तार किये गये आरोपियों को कोतवाली थाना शिफ्ट करना पड़ता है.
शौचालय तक की व्यवस्था नहीं
थाना परिसर में शौचालय और पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है. पुलिसकर्मी बाहर के शौचालयों का इस्तेमाल करते हैं. गिरफ्तार आरोपी को भी शौच और लघुशंका में परेशानी होती है. अगर आरोपी कोई महिला हो तो गिरफ्तारी के बाद परशानी और बढ़ जाती है. इसी बदहाली में थाना के पुलिसकर्मी रहने को मजबूर हैं.
झारखंड पुलिस हाउसिंग कारपोरेशन लिमिटेड के अधीक्षक अभियंता चन्द्रशेखर प्रसाद जयसवाल के अनुसार डेली मार्केट थाना स्मार्ट पुलिस स्टेशन के लिए चयनित है. नये भवन के लिए प्रपोजल आया है. जमीन का चयन नहीं किया गया है. चयन होते ही निर्माण कार्य किया जायेगा.




