
Ranchi: राजधानी रांची के नामकुम अंचल के अंचलाधिकारी की तरफ से हेथू मौजा में एक ही जमीन की दो बार जमाबंदी किये जाने के मामले को उप समाहर्ता भूमि सुधार (एलआरडीसी) ने रद्द कर दिया है.
निर्मला देवी बनाम राज्य सरकार की ओर से दायर दोहरी जमाबंदी वाद संख्या 25/17-18 की सुनवाई करते हुए एलआरडीसी मनोज कुमार ने गीता देवी, नीता देवी और पवन कुमार के नाम से बेची गयी जमीन की दाखिल-खारिज किये जाने को भी रद्द कर दिया है.
आदेश में नामांतरण (म्यूटेशन) वाद संख्या-1211 आर 27/2008-09, 1214 आर 27/2008-09, 2060 आर / 2009/10, 1495 आर 27/2010-11 द्वारा खतियानी रकबा के विरुद्ध अधिक भूमि की जमाबंदी को रद्द कर दिया है.
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रैयती जमीन की दो पावर होल्डरों ने करायी अवैध जमाबंदी
हेथू मौजा की 72 डिसमिल जमीन की बिक्री दो पावर होल्डरों ने की थी. इसमें पावर दस्तावेज संख्या 596 के माध्यम से हिनू के साकेत नगर निवासी अजय कुमार ने 9 मई 2005 को निर्मला देवी, दीपक कुमार वर्मा, पवन रेखा देवी को यह जमीन बेच दी.
वहीं दूसरे पावर होल्डर जयचंद साहू और रत्नेश झा ने 8 फरवरी 2003 को नीता देवी, गीता देवी, पवन कुमार को यह जमीन बेच दी. इन दोनों पावर होल्डरों की तरफ से बेची गयी जमीन की दाखिल-खारिज भी नामकुम अंचल से करा दी गयी.
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एलआरडीसी ने कहा- हल्का कर्मचारी ने दी गलत रिपोर्ट
एलआरडीसी के आदेश में कहा गया है कि तत्कालीन हल्का कर्मचारी और अंचल निरीक्षक ने अपने जांच प्रतिवेदन में गलत रिपोर्ट देकर दोहरी जमाबंदी की है. इसकी अनुशंसा तत्कालीन अंचल अधिकारी के द्वारा भी की गयी थी. यहां बताते चलें कि इससे संबंधित एक मामला लोकायुक्त के यहां भी विचाराधीन है.
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