
Lohardaga : भाकपा माओवादी के एक लाख रुपये के इनामी नक्सली एरिया कमांडर जतरू खेरवार ने 18 जून को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया. पेशरार थाना के पुतरार गांव निवासी इस नक्सली के खिलाफ लोहरदगा जिले के सेरेंगदाग और पेशरार थाने में कई केस दर्ज हैं.
कई नक्सली कांडों में रही है संलिप्तता
लोहरदगा पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सरकार की आत्मसमर्पण नीति नई दिशा के तहत कार्यक्रम में उपायुक्त डॉ वाघमारे प्रसाद कृष्ण और एसपी आर रामकुमार और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में नक्सली ने सरेंडर किया.

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इस मौके पर एसपी ने कहा कि झारखण्ड सरकार ने राज्य को नक्सल मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है. इसी संकल्प को घरातल पर उतारने के लिए महानिदेशक व पुलिस महानिरीक्षक, झारखण्ड के निर्देशानुसार झारखण्ड पुलिस नक्सली संगठनों के खिलाफ चौतरफा कार्रवाई में लगातार प्रयत्नशील है. इस दिशा में पुलिस को निरंतर सफलताएं भी मिल रही है. राज्य को नक्सल मुक्त करने के लिए सरकार की महत्वपूर्ण आत्मसमर्पण नीति “नई दिशा” भी नक्सली संगठनों के बीच काफी लोकप्रिय होते जा रही है. परिणाम स्वरूप भाकपा माओवादी सहित अन्य कई प्रतिबंधित नक्सली संगठनों के नक्सली पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर रहे हैं.
पुलिस के द्वारा हाल में चलाए गए विशेष अभियान ‘डबल बुल’ के बाद पुलिस की बढ़ती दबिश और नक्सली संगठन के आंतरिक शोषण से क्षुब्ध होकर और झारखण्ड सरकार की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर नक्सली ने आत्मसमर्पण किया. जतरू खेरवार के विरूद्ध दर्ज सभी काण्डों में इसे न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा.
सरेंडर के बाद सरकारी प्रावधान के तहत मौके पर जतरु खेरवार को राशि दी गई. बाकि सुविधाएं प्रावधान के तहत क्रमशः मिलेंगी. मौके पर अभियान डीएसपी दीपक पांडेय, एसडीपीओ बीएन सिंह, डीएसपी मुख्यालय परमेश्वर प्रसाद के अलावा सीआरपीएफ के अधिकारी मौजूद थे.
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