
Ranchi: मनरेगा से झारखंड में अब लीची की बड़े पैमाने पर खेती होगी. बिरसा हरित ग्राम योजना में इसे शामिल किया जायेगा. पाकुड़ इलाके में लीची फसल की उत्पादकता को देखते हुए राज्य सरकार ने लीची फसल को अधिक से अधिक लगाने पर जोर दिया है. ग्रामीण विकास विभाग ने बिरसा हरित ग्राम योजना से सभी जिलों को पिट डिगिंग करने का निर्देश दिया गया है ताकि, बारिश के मौसम में पौधारोपण किया जा सके. बिरसा हरित ग्राम योजना से बड़े पैमाने पर आम-अमरूद इत्यादि फलदार पौधा लगाये जा रहे हैं अब लीची लगाने की भी मंजूरी दी जा रही है. बता दें कि, झारखंड के पाकुड़ जिले में लीची की खेती एक प्रमुख कृषि गतिविधि है, खासकर आदिवासी किसानों के बीच. पाकुड़ जिले को झारखंड में कृषि, वानिकी के लिए एक संभावित क्षेत्र के रूप में भी जाना जाता है, जिसमें 76.25 फीसदी उपयुक्तता है. लीची की खेती यहां की जलवायु और मिट्टी के लिए उपयुक्त है. सरकार का मानना है कि अगर इस इलाके में लीची की खेती को बढ़ावा दिया जाये तो आदिवासी किसानों के लिए काफी लाभप्रद होगा. मिली जानकारी के अनुसार झारखंड में लीची की विभिन्न किस्में हैं, जिनमें मुज्जफरपुर और पूर्वी सिंहभूम के लिए प्रसिद्ध शाही लीची भी शामिल है.




