
रांची : प्रस्तावित परिसीमन के खिलाफ रविवार को रांची के मोरहाबादी मैदान में आदिवासी एकता महाजुटान महारैली आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने की संभावना है। भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस ने सुरक्षा तथा यातायात के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।
महारैली के आयोजकों ने इसमें करीब पांच लाख लोगों के शामिल होने का दावा किया है। कार्यक्रम स्थल पर मंच तैयार किया गया है, जहां से परिसीमन को लेकर आदिवासी समाज की मांग और चिंताओं को रखा जाएगा।
2029 तक परिसीमन रोकने की मांग
महारैली का प्रमुख मुद्दा प्रस्तावित परिसीमन है। आयोजक चाहते हैं कि परिसीमन की प्रक्रिया को वर्ष 2029 तक फ्रीज या स्थगित रखा जाए।
उनका तर्क है कि परिसीमन का असर आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षित क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इसी आशंका को लेकर महारैली के जरिए अपनी मांग को व्यापक स्तर पर उठाने की तैयारी है।
मोरहाबादी मैदान में बनाए गए मंच पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अलावा कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी की तस्वीरें भी लगाई गई हैं।
शहर के प्रमुख रास्तों पर बढ़ेगा ट्रैफिक दबाव
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के आने की संभावना को देखते हुए मोरहाबादी और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था सामान्य दिनों से अलग रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न मार्गों पर डायवर्जन और प्रतिबंध की व्यवस्था की है।
मोरहाबादी, टैगोर हिल, बरियातू और कांके रोड की ओर जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। रैली के दौरान आवश्यकता के अनुसार कुछ मार्गों पर नो-एंट्री लागू की जा सकती है।
रैली में आने वाले वाहनों के लिए पार्किंग
महारैली में शामिल होने वाले लोगों के वाहनों को खड़ा करने के लिए अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने शहरवासियों से अपील की है कि कार्यक्रम के दौरान मोरहाबादी और आसपास के इलाकों में अनावश्यक वाहन लेकर जाने से बचें।
पुलिस ने लोगों से ट्रैफिक व्यवस्था के लिए जारी निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने को कहा है।




