
Ranjit Kumar Singh
Dhanbad : कोरोना वायरस को लेकर देशभर में लागू लॉकडाउन के कारण झारखंड के 160 मजदूर तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में फंसे हुए हैं. मजदूरों ने कहा कि कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है. तमिलनाडु के कांचीपुरम में रहनेवाले मजदूरों के समक्ष दो वक्त की रोटी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पिछले कई दिनों से ये सभी मजदूर घर वापसी का प्रयास कर रहे हैं लेकिन इन मजदूरों को कोई मदद नहीं मिल पा रही है.
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अब स्थानीय लोगों को ही काम दे रही है कंपनी
जिस कंपनी में ये सभी मजदूर काम कर रहे थे, वहां के प्रबंधन द्वारा काम बंद कर देने के कारण इनके पास घर वापसी के अलावा और कोई दूसरा रास्ता नहीं रह गया है. क्योंकि जिस कंपनी में ये मजदूर काम कर रहे हैं वह कंपनी अब स्थानीय लोगों को ही काम दे रही है.
ये सभी मजदूर राज्य सरकार से घर वापसी की गुहार लगा रहे हैं. उक्त सभी मजदूर ठेकेदारी के तौर पर सनघु स्टंपिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बतौर मजदूर का काम करने पिछले वर्ष गये थे. इस संबंध में जामाडोबा के रहनेवाले निसार अंसारी की बहन ने बताया कि उसका भाई कांचीपुरम में फंसा हुआ है. वह रोज फोन करता है. उसका काम बंद हो गया है. सैलरी नहीं मिल रही है जिस कारण यहां घर में भी काफी परेशानी है.
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न्यूज विंग को फोन कर मजदूरों ने लगायी गुहार
मजदूरों ने बताया कि उन्हें आसपास के लोग दूसरी जगह सामान लाने के लिए भी जाने नहीं दे रहे हैं. कई बार इसकी सूचना स्थानीय थाना एवं जिला प्रशासन को दी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. अधिकारी आते हैं और सिर्फ पूछताछ कर चले जाते हैं.
मजदूरों ने कांचीपुरम से फोन कर बताया कि यदि उन्हें मदद नहीं मिली, तो वे लोग पैदल ही लौटने पर विवश हो जायेंगे. क्योंकि अब स्थिति काफी गंभीर हो चुकी है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के कारण पिछले 44 दिनों से यहां फंसे हुए हैं. कांचीपुरम में हम सभी मजदूरो की सुनने वाला कोई नहीं है.
मजदूरों ने यह भी कहा कि घर वापसी के लिए स्थानीय थाना से भी कई बार गुहार लगायी लेकिन पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है. अब न्यूजविंग के माध्यम से तमिलनाडु के कांचीपुरम में फंसे 160 मजदूर झारखंड सरकार से अपने घर वापसी के लिए गुहार लगा रहे हैं.
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