
Ranchi: महागठबंधन में होनेवाले सीट बंटवारे पर विचार-विमर्श करने के लिए सीपीआइ के राज्य सचिव व पूर्व सांसद भुनेश्वर प्रसाद मेहता शुक्रवार को कांग्रेसी नेता सुबोधकांत सहाय से मिलने उनके आवास पहुंचे. इस दौरान दोनों नेताओं ने महागठबंधन के वर्तमान परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की. सीपीआइ नेता ने जहां मजबूत महागठबंधन की बात कही, वहीं कांग्रेसी नेता ने कहा कि भाजपा को हराने के लिए एक मजबूत विपक्ष की चाह कांग्रेस पार्टी को भी है. लेकिन महागठबंधन में भागीदारी के लिए जरूरी है कि वाम दल आपस में एकमत हों. ऐसा होता है, तो कांग्रेस किसी एक सीट छोड़ने पर विचार करेगी.
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कोडरमा, पलामू, हजारीबाग पर प्रत्याशी उतारने की चर्चा
मालूम हो कि अभी तक की स्थिति में वाम दलों का कोडरमा, पलामू, हजारीबाग लोकसभा सीटों में प्रत्याशी उतारने की चर्चा है. भाकपा-माले के राज्य सचिव जनार्दन प्रसाद की मानें, तो वामदल केंद्र में धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाने के लिए भाजपा के खिलाफ चुनाव मैदान में महागठबंधन के साथ खड़े होंगे. लेकिन, उन्हें महागठबंधन में सम्मानजनक साझेदारी चाहिए. जिन लोकसभा सीटों पर वामपंथी मजबूत स्थिति में हैं, वहां वह अपना प्रत्याशी उतारेंगे. भाकपा-माले कोडरमा में मजबूत है. इसलिए पार्टी इस सीट पर अपना प्रत्याशी उतारेगी. अगर महागठबंधन में कोडरमा सीट उन्हें नहीं मिलती तो फिर पलामू से पार्टी का प्रत्याशी उतारेंगे. उन्होंने कहा कि आगामी 25 मार्च को प्रत्याशी की घोषणा की जाएगी.
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24 मार्च को घोषणा, वामदल करें एक सीट का चयन: सुबोधकांत
भुनेश्वर प्रसाद मेहता ने मीडिया को बताया कि भाजपा को हराने के लिए मजबूत महागठबंधन की जरूरत है. इसी सिलसिले में उन्होंने कांग्रेसी नेता सुबोधकांत सहाय से मुलाकात की. जहां तक वाम दलों को सीट देने की बात है, तो यह निर्णय महागठबंधन के नेताओं को करना है, ताकि मजबूत महागठबंधन के साथ वाम दलों को सम्मानजनक सीट मिल सके. वही सुबोधकांत सहाय ने कहा कि 24 मार्च को महागठबंधन के स्वरूप की घोषणा होनी है. इससे पहले जरूरी है कि सभी वाम दल आपस में मिल कर एक सीट तय करें. उन्होंने कहा कि वाम दल कोडरमा, पलामू, हजारीबाग सीट पर अपना प्रत्याशी उतारना चाहते हैं, जो वर्तमान परिदृश्य में संभव नहीं है.
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