
Ranchi: झारखंड प्रशासनिक सेवा की अधिकारी व तत्कालीन अंचल अधिकारी कर्रा, खूंटी निशा तिर्की की असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि रोकने का दंड अधिरोपित किया गया है. इस संबंध में कार्मिक विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. उनके विरूद्ध यह आरोप था कि कर्रा प्रखंड के मौजा गुस्साटोली थाना नंबर 47 के खाता नंबर 102 प्लॉट संख्या 887 रक्बा 0.29 एकड़ जो जिला बोर्ड की भूमि है. उसमें एक क्रेता संदीप कुमार केसरी द्वारा उपरोक्त प्लॉट संख्या 887 को खाता संख्या 5 में दर्शाते हुए रक्बा 0.28 एकड़ भूमि के दाखिल खारिज के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया तो उक्त आवेदन की प्रवृष्टि पंजी-27 में किए बिना नामांतरण करते हुए अवैध जमाबंदी प्रारंभ कर दिया गया था तथा ऑनलाइन प्रवृष्टि भी कर दी गयी.
उक्त नामांतरण कार्य में मूल खतियान का भी अवलोकन नहीं किया गया. नामांतरण के बाद मूल पंजी से रकबा भी घटा दिया गया. मामला सामने आने के बाद डीसी खूंटी ने स्पष्टीकरण पूछा और प्रपत्र क गठित करते हुए सरकार को कार्रवाई की अनुशंसा की. विभाग ने भी स्पष्टीकरण पूछा जिसमें जवाब आया कि वे अधिनस्थ कर्मियों पर भरोसा करते हुए यह कार्रवाई की. हालांकि बाद में नामांतरण रद्द करने की अपील की जिसे भूमि सुधार उप समाहर्ता के खूंटी के कोर्ट द्वारा निरस्त कर दिया गया. पूरे मामले में खूंटी सीओ की दो वेतन वृद्धि रोकने की अनुशंसा थी, जिस पर विचार कर एक वेतन वृद्धि रोकने का ही दंड दिया गया है.




