
Ranchi: रांची जिला समाहरणालय में कुछ दिनों से अपने-अपने चहेते कर्मचारियों को मनपसंद टेबल देने का खेल चल रहा है. इस कार्य में केवल कर्मचारी ही नहीं बल्कि, कुछ अधिकारी भी शामिल हैं. जो अपने चहेते कर्मियों को अपने कार्यालय में पद्स्थापित करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं. जानकारी मिल रही है कि कुछ कर्मचारियों के तबादले से संबंधित आवेदन खुद से लेकर डीसी के पास पहुंच रहे हैं. ताकि, पिछले दरवाजे से संशोधन पत्र निकल जाये. जिला मुख्यालय में पूर्व से पदस्थापित कुछेक ऐसे कर्मचारी भी रूचि दिखा रहे हैं जिनके खिलाफ पूर्व में डीसी ने प्रपत्र ‘क’ गठित करने की अनुशंसा कर दी थी. डीसी की अनुशंसा के बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई तो हुई नहीं लेकिन, उसे मनपसंद टेबल देने को लेकर अधिकारी काफी सक्रिये दिख रहे हैं. यह मामला जिला भू-अर्जन कार्यालय के तत्कालीन लिपिक-सह-तत्कालीन नाजिर अभय प्रभाकर तिर्की से संबंधित है. बताया जाता है कि डीसी ने 23 नवंबर 2022 को श्री तिर्की के खिलाफ कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा था कि ये अपने दायित्व का निर्वहन में लापरवाही और असंवेदनशील हैं. डीसी ने कहा था कि जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाये गये हैं, इसी वजह से जिला भू-अर्जन कार्यालय से हटाकर दूसरे जगह किया जाये. साथ ही इनको स्थानांतरित करते हुए इनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है. उन्होंने जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया था कि चूंकि यह एक गंभीर मामला है इसलिए इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने के लिए प्रपत्र ‘क’ का गठन करें.
जिला स्थापना शाखा ने भी की थी प्रपत्र ‘क’ गठित करने का आग्रह
नामकुम अंचल में प्रतिनियुक्त अभय प्रभाकर तिर्की के खिलाफ जिला स्थापना उप समाहर्ता ने भी आरोप गठन को लेकर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को पत्र लिखा था. जिला उप समाहर्ता ने 11 जनवरी 2023 को यह पत्र लिखा था.
रैयत बिरजु महतो के खाते से 20 हजार रू निकालने की बात स्पष्टीकरण में छुपायी
अभय प्रभाकर तिर्की से पूछे गये स्पष्टीकरण में यह बात माना कि 15 रैयतों का गलत खाता संख्या अंकित हो गया था, लेकिन उसने बिरजू महतो के खाते से 20 हजार रूपये अपने खाते में हस्तांतरण की बात स्पष्टीकरण में छुपा ली. जिसे डीसी ने गंभीरता से लिया था.
कई कर्मचारियों का मोह अभी भी जिला मुख्यालय से नहीं छुट रहा
डीसी ने जिला समाहरणालय से कई कर्मचारियों का तबादला दूसरे प्रखंड और अंचल कर दिया है लेकिन, स्थानांतरित किये गये कई कर्मचारियों का मुख्यालय से मोह नहीं छुट रहा है. स्थानांतरित स्थान में अपने कर्तव्यों का निर्वहन न कर लगातार समाहरणालय का चक्कर काट रहे हैं. जिसमें जिला भू-अर्जन के भी पूर्व कर्मचारी शामिल हैं.
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