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अमृत योजनाः झारखंड में अब तक 7 शहरों में 42 कार्य पूरे, 17 प्रगति पर

Ranchi: झारखंड के सात शहरों को देश के बाकी शहरों की तरह अटल नवीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) योजना का लाभ मिल रहा है. जून 2015 में शुरू की गयी इस योजना से झारखंड के सात शहर लाभान्वित होने को हैं. केंद्र सरकार के स्तर से इसके लिए आदित्यपुर, हजारीबाग, रांची, चास, देवघर, धनबाद और गिरिडीह को चुना गया है. अमृत योजना के तहत  इन शहरों में अब तक 42 अलग अलग तरह के कार्यों को पूरा कर लिया गया है जबकि 17 कार्य प्रगति पर हैं. चतरा सांसद सुनील कुमार सिंह ने झारखंड में अमृत योजना और इसके लिए अब तक आवंटित धन राशि के संबंध में सूचनाओं की मांग जारी शीतकालीन सत्र में की थी. इसी आधार पर आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने यह सूचना दी है.

अब तक मिली राशि

आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री कौशल किशोर के मुताबिक झारखंड के चयनित सात शहरों में अमृत योजना के तहत जो 42 कार्य पूरे हुए हैं, उन पर 220.9 करोड़ व्यय किये गए हैं. इसके अलावे जारी 17 कार्यों पर 1394.16 करोड़ व्यय होने हैं. यानि कुल 59 कार्यों के लिए 1615.06 करोड़ रुपये व्यय किये जाने का लक्ष्य रखा गया है.

पिछले तीन वर्षों के दौरान 354.46 करोड़ अमृत योजना के तहत आवंटित किये गये हैं. 2019-20 में 135.22 करोड़, 2020-21 में 109.62 करोड़ और 2021-22 के लिए भी इतनी ही राशि परियोजनाओं के लिए आवंटित की गयी है. अन्य घटकों से इसी अवधि के लिए 9.54 करोड़ मुहैया कराये गये हैं. परियोजनाओं के लिए पिछले तीन सालों में आवंटित 354.46 करोड़ में से 172.59 करोड़ का उपयोगिता प्रमाण पत्र मिल चुका है. अन्य घटकों के लिए जारी राशि (9.54 करोड़) में से 6.89 करोड़ का यूसी उपलब्ध है.

अमृत योजना ऐसे है खास

केंद्र सरकार के मुताबिक 25 जून 2015 को देश भर के चुनिंदा 500 शहरों और कस्बों में अमृत शुरू किया गया था. यह मिशन चयनित शहरों और कस्बों में जल आपूर्ति, सीवरेज और सेप्टिक प्रबंधन, वर्षा जल निकासी, हरे-भरे स्थान और पार्क और गैर-मोटर चालित शहरी परिवहन के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करता है. मिशन में शहरी सुधारों और क्षमता निर्माण को शामिल किया गया है. आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने सभी राज्यों, संध राज्य क्षेत्रों की राज्य वार्षिक कार्य योजनाओं (एसएसपी) को मंजूरी दे दी है. इसमें 35,990 करोड़ रुपये की प्रतिबद्ध केंद्रीय सहायता सहित संपूर्ण मिशन अवधि के लिए 77,640 करोड़ रुपये शामिल हैं. अब तक राज्यों, संघ राज्य क्षेत्रों ने 82,222 करोड़ रुपये लागत वाली 5873 परियोजनाएं शुरू की हैं जिनमें से 32,793 करोड़ रुपये की लागत वाली 4676 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं. 49,430 करोड़ रुपये की लागत वाली 1197 परियोजनाओं के लिए लिए संविदाएं की जा चुकी हैं तथा ये परियोजनाएं कार्यान्वयन के विभिन्न चरणों में हैं.

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