
Chaibasa : नैक की ग्रेडिंग में सुधार लाने की कोशिशों के बीच अब कोल्हान विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की धारा 12बी का दर्जा हासिल करने की कवायद शुरू कर दी है. विश्वविद्यालय की ओर से इसके लिए इस बार यूजीसी को आवेदन भेज दिया गया है. आवेदन के बाद अब यूजीसी की टीम विश्वविद्यालय की जांच और समीक्षा करेगी और इसके बाद इस पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा.
नैक की रिपोर्ट अपलोड करने के क्रम में इस बार यूजीसी को 12बी की मान्यता के लिए भी आवेदन दे दिया गया है। पूरी उम्मीद है की केयू को यह दर्जा मिल जायेगा। इससे विवि को केंद्र से कई अधिकार मिल जायेंगे. -डॉ पीके पाणि, प्रवक्ता, केयू
फिलहाल, विश्वविद्यालय को यूजीसी से 2एफ का दर्जा प्राप्त है. इसके तहत विश्वविद्यालय को यूजीसी व केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग लेने का अधिकार है. यह सहयोग सीमित राशि तक ही हो सकता है. विश्वविद्यालय को 12बी की मान्यता मिलने से इसे केंद्र सरकार से दो करोड़ तक का फंड मिल सकेगा. साथ ही इस दर्जे से केयू रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए यूजीसी से वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेगा. संगोष्ठी और सम्मेलन के लिए भी यूजीसी से राशि मिल सकेगी. यूजीसी की योजनाओं के तहत शिक्षकों और शोध अध्येताओं की नियुक्ति भी हो सकेगी. महिला छात्रावासों के निर्माण और नये अध्ययन केंद्र खोलने में आ रही वित्तीय दिक्कतें दूर हो जायेंगी. कुलपति प्रोफेसर गंगाधर पंडा ने उम्मीद जतायी है कि यूजीसी की ओर से इस बार विश्वविद्यालय को 12बी का दर्जा दे दिया जायेगा.
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