
New Delhi : संसद का आगामी मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो सकता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसदीय मामलों से जुड़ी कैबिनेट कमिटी ने 19 जुलाई से 13 अगस्त तक मानसून सत्र की सिफारिश की है. यह सिफारिश राष्ट्रपति को भेज दी गयी है.
माना जा रहा है कि सत्र के शुरू करने की औपचारिक घोषणा किसी भी समय हो सकती है. सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब कोरोना की दूसरी लहर से देश उबरने लगा है. दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन, अस्पताल में बेड और दवाइयों की कमी के मुद्दे पर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल लगातार मोदी सरकार पर हमला कर रहे हैं.
के दौरान एक बार फिर सरकार को इस मुद्दे पर घेरने की कोशिश की जायेगी. वैक्सीन दिये जाने की रफ़्तार को लेकर भी सरकार से सवाल किये जाने की उम्मीद है.
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राष्ट्रपति को भेजी गयी सिफाऱिश में भरोसा दिलाया गया है कि संसद सत्र के दौरान पूर्व की भांति कोरोना प्रोटोकॉल का पालन किया जायेगा. जहां तक सांसदों को वैक्सीन लगाये जाने का प्रश्न है, अभी तक राज्य सभा के कुल 186 सांसदों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है.
लोकसभा के भी अधिकांश सांसदों को भी दोनों डोज लग चुकी है. हालांकि संसद भवन में सांसदों के लिए टीकाकरण अभियान अब भी चल रहा है.
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माना जा रहा है कि संसद का यह सत्र काफी हंगामेदार होगा. कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह के हालात पैदा हुए उसे लेकर सरकार सीधे निशाने पर रहेगी.
इसके अतिरिक्त पेट्रोल, डीज़ल और खाद्य तेलों की महंगाई, जम्मू कश्मीर के हालात और अर्थव्यवस्था के हालात का मुद्दा भी सत्र के दौरान उठ सकता है. सत्र के दौरान पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल और वरिष्ठ नागरिक रखरखाव और कल्याण बिल समेत कई अन्य बिलों को पारित करवाये जाने की संभावना है.
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