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3 करोड़ रुपये गबन करनेवाले पोस्टमास्टर की जमीन व संपति होगी जब्त, सीबीआइ ने निबंधन विभाग से लिया ब्यौरा

Palamu : ग्राहकों के विभिन्न आवर्ती खातों से करोड़ों रुपये गबन करने के आरोपी उप डाकघर के पोस्टमास्टर कामेश्वर राम के खिलाफ सीबीआइ ने कारवाई तेज कर दी है. उसकी जमीन व संपति जब्त करने की कारवाई शुरू की गयी है. इस सिलसिले में सीबीआइ ने पलामू निबंधन विभाग को पत्र लिखा है और कामेश्वर राम और उसके परिजनों के नाम से बनायी गयी जमीन व संपति का ब्यौरा लिया है.

सीबीआइ ने पलामू और गढ़वा के सभी पोस्ट ऑफिस को भी पत्र लिख कर कामेश्वर व उसके परिवार द्वारा किये गये निवेश की भी जानकारी मांगी थी.

बताते चलें कि वर्ष 2019 में गढ़वा जिले के रमना और नगर उंटारी उपडाकघर में कामेश्वर राम ने पोस्टमास्टर के पद पर रहते हुए तीन करोड़ से अधिक की संपति का गबन कर दिया था. विभिन्न आवर्ती खातों से हुए प्रथम भुगतान के बाद फर्जी तरीके से अलग-अलग तारीखों में पुनः भुगतान कर सरकारी राशि का गबन किया था.

मामले में एफआइआर करते हुए कामेश्वर राम को निलंबित कर दिया गया है. पुलिस जांच के बाद मामला सीबीआइ को सौंप दिया गया है.

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निबंधन विभाग ने पौने दो करोड़ की जमीन का ब्यौरा दिया

शुरुआती जांच में निबंधन विभाग ने कामेश्वर राम के नाम से उसके गृह क्षेत्र के तीन गांवों में खरीदी गयी पौने दो करोड़ की जमीन की जानकारी दी है. निबंधन विभाग ने सीबीआइ को दिये ब्यौरे में बताया है कि पलामू जिले के हैदरनगर प्रखंड की खरगड़ा पंचायत के सजवन, सलेमपुर और चेचरिया में 8 एकड़ जमीन खरीदी गयी है.

इसका मूल्य करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये है. सीबीआइ ने मार्च 2021 में निबंधन कार्यालय को पत्र लिखा था. इसके आलोक में गत 23 जून को कार्यालय द्वारा ब्यौरा उपलब्ध कराया गया है.

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हैदरनगर के सलेमपुर का निवासी है आरोपी पोस्टमास्टर

आरोपी पोस्टमास्टर हैदरनगर थाना क्षेत्र के सलेमपुर के निवासी है. तत्कालीन सहायक डाक अधीक्षक शंकर कुजूर ने मामले की जांच कर पोस्टमास्टर कामेश्वर पर सरकारी राशि गबन करने का आरोप लगाया था.

उप डाकपाल कामेश्वर राम के खिलाफ ग्राहकों के विभिन्न आवर्ती खातों से हुए प्रथम भुगतान के बाद फर्जी तरीके से अलग-अलग तारीखों में पुनः भुगतान कर सरकारी राशि का गबन करने का आरोप लगाया है. वरीय अधिकारियों के निर्देश के आलोक में कई गयी प्रारम्भिक जांच में लगभग तीन करोड़ गबन करने का मामला प्रकाश में आया है.

शंकर ने कहा है कि कामेश्वर ने कई आरडी लेजर भी गायब कर दिया है. उसमें आवर्ती खातों की पूरी जानकारी मौजूद थी. कामेश्वर की ओर से विभागीय कार्यों को अवैध तरीके से संपन्न कराने व गबन में पलामू के पोखराहा निवासी मनजीत कुमार व भवनाथपुर के अरसली गांव निवासी अश्विनी ठाकुर की संलिप्तता रही है.

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