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#Jamshedpur: मोहर्दा जलापूर्ति परियोजना में सरयू राय को मिला समस्याओं का अंबार, अफसरों को अल्टीमेटम

Jamshedpur: 2005 में शुरू हुई मोहर्दा जलापूर्ति परियोजना में जुस्को, स्वर्णरेखा बहुउद्दशीय परियोजना और झारखंड नोटिफाइड एरिया केमेटी (जेएनएसी) के अधिकारियों की लापरवाही उजागर करते हुए सरयू राय ने साफ कह दिया है कि बैठे रहने से समस्या दूर नहीं होती, काम को गंभीरता से लेना जरूरी है.

उन्होंने परियोजना से जुड़ी एक के बाद एक समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि तीनों कंपनियों के साझा प्रयास से परिजयोना की समस्या दूर होगी जिसके प्रयास में वे लग गये हैं.

राय ने कहा कि इसके अलावा कुछ नये प्रपोजल भी लोगों और अधिकारियों की तरफ से मिले हैं. आने वाले समय में विचार किया जायेगा और शुरू करने के लिए कोशिशें की जायेगी.

सप्लाइ होता है गंदा पानी

ताजा स्थिति को देखते हुए सरयू राय ने कहा कि 4500 घरों में परियोजना के तहत पानी की सप्लाइ हो रही है. एक भी ऐसा घर नहीं है जहां पानी साफ आता हो. पूछने पर जुस्को के अधिकारियों का कहना था कि वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से साफ पानी सप्लाइ हो रहा है लेकिन पाइपलाइन पुराने होने के चलते पानी गंदा हो जाता है.

व्यवस्था को ठीक करने के निर्देश देते हुए सरयू राय ने जुस्को के अधिकारियों को फरवरी के अंत तक समस्या को दूर करने के लिए कह दिया है.

उन्होंने आश्वासन देते हुए कहा कि वे लगातार इसकी मॉनीटरिंग करेंगे और उनकी कोशिश होगी की फरवरी के अंत से लोगों को साफ पानी मिलने लगे.

इसके साथ ही उन्होंने कहा की 4500 घरों की संख्या में इजाफा करते हुए 5000 घरों का नया लक्ष्य जुस्को को दिया गया है.

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मिट्टी कटाव की भारी समस्या

स्वर्णरेखा नदी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के नीचे बीते बरसात से भारी मिट्टी कटाव हुआ है. जिसके चलते भविष्य में पानी को रोकने में परेशानी होगी.

उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अभी तक मिट्टी कटाव की समस्या पर किसी ने संज्ञान क्यों नही लिया ये हैरान करने वाला है. परियोजना से पानी लोगों को मिले उसके लिए मिट्टी कटाव को रोकना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

मिट्टी कटाव रोकने के लिए चर्चा करने पर दो तरह की योजना पर सहमति बनने की बात उन्होंने कही. पहली योजना शॉट टर्म होगी जिसमें एक करोड की लागत से बोल्डर विछाने का काम होगा जो जेएनएसी करेगी.

लॉंन्ग टर्म योजना के तहत करीब दो किलोमीटर तक बोल्डर और ब्लॉक हेड बिछाने का काम होगा जिसकी लागत 100 करोड़ तक जा सकती है. सरयू राय ने इसका जिम्मा स्वर्णरेखा बहुद्देशीय परियोजना को सौंपा है.

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दो नये प्रपोजल पर होगा विचार

सरयू राय ने कहा कि चर्चा के दौरान आधिकारियों और रहने वालों की तरफ से दो प्रस्ताव भी मिले हैं. पहला कि नदी में 23 बडे नाले से गंदा पानी गिरता है जो गंभीर चिता का विषय है. ये गंदा पानी शहर के अलग-अलग जगहों से आता है. इसके लिए नया वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का पस्ताव मिला है जो निहायत जरूरी है.

दूसरा प्रस्ताव मशान घाट का है. घाट नहीं होने के चलते बागुनहातु, मोहर्दा, बारीडीह जेसे कई इलाकों के लोगों को शवदाह के लिए भुइयांडीह आना पड़ता है. लोगों की तरफ से विद्युत शवदाह का प्रस्ताव मिला है जो कि जायज है.

सरयू राय ने आगे कहा कि उस क्षेत्र में गैर मजरुआ जमीन भी काफी अधिक है जिसका इस्तेमाल शवदाह के लिए किया जा सकता है. सरयू राय ने दोनों प्रस्तावों को जल्द फाइनल कर लेने की बात भी कही है.

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