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#Pathalgadi केस वापसी में हेमंत सरकार ने जल्दबाजी की, जांच प्रक्रिया समझ कर निर्णय लेना चाहिए था : सरयू राय

केबिनेट की पहली बैठक में ही आरोपियों पर से केस वापस करने की घोषणा से पहले हेमंत सोरेन को पूरे मामले को गौर से जांच लेना था.

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Jamshedpur : गुदड़ी नरसंहार पर हेमंत सरकार से अलग राय रखते हुए विधायक सरयू राय का कहना है कि नयी सरकार ने इस मसले पर जल्दबाजी की है. केबिनेट की पहली बैठक में ही आरोपियों पर से केस वापस करने की घोषणा से पहले हेमंत सोरेन को पूरे मामले को गौर से जांच लेना था. सरयू राय ने इस क्रम में कहा कि सरकार ऐसे लोगों पर से केस वापसी की बात करती, जिनपर गलत आरोप के चलते केस चल रहा हो.

हालांकि यह सब कहते हुए उन्होंने ये भी कहा कि सरकार की घोषणा के बाद भी अंतिम फैसला कोर्ट को ही करना है. लेकिन सरकार मामले की संजीदगी को देखते हुए जांच प्रक्रिया को गंभीरता से समझती, फिर कुछ कहती तो ज्यादा बेहतर होता. सरयू राय मोहर्दा जलापूर्ति परियोजना का निरीक्षण कर लौटने के बाद अपने आवास पर मीडिया से बात कर रहे थे.

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भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा 

सरयू राय ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पुरानी सरकार ने पत्थलगडी मसले पर दबाव बना कर उपद्रवियों को शांत करने की कोशिश की. इसे भी उचित कहना सही नहीं. किसी पर दबाव बनाने से मसले का हल कभी नहीं निकल सकता. भले ही कुछ दिनों के लिए मामला ठंडा पड़ा रहता, लेकिन उसमें विस्फोट होना तय है. उन्होंने यह साफ करते हुए कहा कि गुदड़ी नरसंहार पुरानी सरकार के दबाव का भी नतीजा हो सकता है.

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 प्रशासन को जांच करने की खुली छूट होनी चाहिए

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नयी सरकार को विपक्ष के साथ बैठने की सलाह देते हुए सरयू राय ने कहा कि नयी सरकार को पक्ष-विपक्ष और सभी दलों से बात कर एक साझा रणनीति बनाने का प्रयास करना होगा. क्योंकि यह मसला दबाव से नहीं, बल्कि बात-विचार और संयम से ही सुलझ सकता है. इस निर्मम नरसंहार पर अफसोस जताते हुए सरयू राय ने कहा कि शासन प्रशासन को जांच करने की खुली छूट होनी चाहिए. ताकि दोषियों का जल्द पता लग सके और कठोर कार्रवाई की जा सके.

सीएए और एनआरसी का विरोध जायज नहीं

एक बार फिर सरयू राय ने कहा कि सीएए और एनआरसी पर हो रहे विरोध को वो सही नहीं मानते. विरोध करने वाले लोगों को इसमें यदि कोई खोट नजर आ रहा है तो वो बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर इसे समझ लें. सरयू राय ने आगे कहा कि इसमें कोई दो राय नहीं कि विरोध करना लोगों का अधिकार है. लेकिन केवल विरोध के नाम पर विरोध करना, ये कहां का अधिकार है.

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विरोध करने वाले दलों और संगठनों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि सीएए के विरोधी नेता पहले नुकसान के बारे तो बता दें. जरूरी नहीं कि हर जगह फायदा ही देखा जाये. हालांकि सरयू राय ने केंद्र सरकार पर जल्दबाजी का आरोप लगाते हुए उसे सभी दलों के साथ बैठकर बात करने की नसीहत भी दी.

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