
Jamshedpur : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा ली जानेवाली परीक्षाओं से क्षेत्रीय भाषा की सूची से हिंदी भोजपुरी मगही मैथिली और अंगिका को हटाये जाने के खिलाफ एकता विकास मंच हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है. मंच द्वारा कोर्ट में जनहित याचिका दायर करने के लिए लोगों से सहयोग मांगा जा रहा है. इसी को लेकर रविवार को गम्हरिया स्थित घोड़ा बाबा मंदिर प्रांगण में बैठक की गयी. मंच की ओर से बताया गया कि अब तक 3261 की सहयोग राशि प्राप्त हुई है. पीआईएल दायर करने के लिए और सहयोग की आवश्यकता है. एकता मंच ने आग्रह किया है कि जो लोग सहयोग करने के इच्छुक हैं, वे शीघ्र राशि जमा करें, ताकि जल्द से जल्द पीआईएल हाईकोर्ट में दायर किया जा सके.
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एकता विकास मंच के केंद्रीय अधयक्ष एके मिश्रा ने कहा कि सोची-समझी साजिश के तहत राज्य कर्मचारी चयन आयोग द्वारा क्षेत्रीय भाषाओं से हिंदी, भोजपुरी, मगही, मैथिली और अंगिका को हटा दिया गया है. क्षेत्रीय भाषाओं के नाम पर सोची-समझी राजनीतिक साजिश के तहत झारखंड को अशांत करने की कोशिश हो रही है. इसके लिए एकता विकास मंच द्वारा लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. आज की बैठक में सर्वसम्मति से केएन तिवारी को जमशेदपुर का जिला अध्यक्ष और कमलेश सिंह को जिला सचिव बनाया गया.
बैठक की अध्यक्षता एके मिश्रा ने की. धन्यवाद ज्ञापन सुदर्शन सिंह द्वारा किया गया. बैठक में कमल सिंह, टीएन मिश्रा, रवि ओझा, भोगेंद्र झा, रविंद्र शर्मा, सुजीत कुमार, श्रीभगवान चौधरी, पप्पू सिंह, कमलेश सिंह, अरविंद कुमार हीरा, डॉ सुधीर कुमार, महिला प्रकोष्ठ की जिला अध्यक्ष हरप्रीत कौर, रूबी देवी, मधु प्रसाद, मीरा देवी, रोमी देवी, सरिता शर्मा, नीलम देवी, अंजली देवी, शोभा देवी, परम शीला देवी, गुड़िया देवी आदि उपस्थित थे.
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