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जॉनसन एंड जॉनसन ने भारत में कोविड वैक्सीन की मंजूरी का आवेदन वापस लिया

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के पास जुलाई 2021 में दिया था आवेदन

New Delhi : कोरोना के खिलाफ जंग (Fight Against Corona) में भारत को झटका लगा है. दरअसल, अमेरिका की फार्मास्यूiटिकल कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) ने भारत में कोविड-19 वैक्सीन के लिए अपना आवदेन वापस ले लिया है. यह प्रस्ताव वैक्सीन को जल्द से जल्दो मंजूरी से जुड़ा था.

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बारे में जानकारी देते हुए भारतीय दवा नियामक (India’s Drug Regulator) ने सोमवार को कहा कि यूएस की कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने अतिरिक्त विवरण दिए बिना देश में अपने कोविड-19 वैक्सीन के त्वरित मंजूरी के अपने प्रस्ताव को वापस ले लिया.

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बता दें कि जॉनसन एंड जॉनसन ने इस साल अप्रैल में अपने टीके का ट्रायल भारत में करने के लिए आवेदन किया था. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) के अनुसार, फर्म ने सूचित किया है कि वे अपने प्रस्ताव को वापस ले रहे हैं. बताया गया है कि इस संबंध में 29 जुलाई को बैठक हुई थी.

यूएस आधारित कंपनी ने अप्रैल में कहा था कि वह भारत में अपने कोविड-19 वैक्सीन का ब्रिजिंग क्लिनिकल अध्ययन करने की मंजूरी मांग रही है. 31 जुलाई तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, जॉनसन एंड जॉनसन ने अभी तक यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के साथ अपने शॉट के लिए पूर्ण अनुमोदन का अनुरोध नहीं किया है.

जबकि, फाइजर इंक, बायोएनटेक एसई और मॉडर्न इंक ने एफडीए के साथ टीके के लिए पहले ही अपनी पूर्ण मंजूरी मांगी है.

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कंपनी का दावा डेल्टा व अन्य वेरियंट पर काम करता है टीका

रिपोर्ट के मुताबिक, जॉनसन एंड जॉनसन ने दावा किया है कि उनका टीका डेल्टा और कोरोना वायरस के अन्य स्वरूपों के खिलाफ मजबूत व प्रभावी तरीके से काम करता है. कंपनी के अनुसार न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज कम से कम आठ महीने तक चलती है. स्वास्थ्य सेवा कंपनी ने कहा कि इसका टीका 85 प्रतिशत प्रभावी था और यह अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु को रोकने में भी मदद कर सकता है.

उल्लेखनीय है कि भारत ने अब तक चार टीकों को मंजूरी दी है. इसमें एस्ट्राजेनेका का कोविशील्ड, भारत बायोटेक का कोवैक्सिन, रूस गामालेया इंस्टीट्यूट का स्पुतनिक वी और मॉडर्न का वैक्सीन शामिल है.

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