
Ranchi : झारखंड के पारा शिक्षकों की डगर मुश्किल होती जा रही है. उन्हें अपने पद पर बने रहने के लिए एक परीक्षा पास करनी होगी. यह है आकलन परीक्षा. अगर तीन आकलन परीक्षाओं में पास नहीं करते हैं तो उन्हें सेवा से हटाया जा सकता है. यह संकेत मंगलवार को राज्य के शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने दिए. उन्होंने कहा कि बिहार में यही नियमावली लागू है जिसपर राज्य सरकार काम कर रही है.
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शिक्षा मंत्री ने कहा कि बिहार में शिक्षकों को आकलन परीक्षा में पास होने के लिए तीन मौके दिए गए थे. जो इस परीक्षा में पास नहीं हुए, उन्हें सेवा से हटा दिया गया. पारा शिक्षकों की कमेटी ने भी ऐसी नियमावली पर सहमति दी थी. अब अलग-अलग शिष्टमंडल आकर मिलते हैं और पास नहीं करने पर भी किसी को नहीं हटाने की बात करते हैं तो ऐसे कैसे चलेगा. पारा शिक्षकों के लिए नियमावली पर अगस्त में ही फैसला होना था. इसके लिए 18 अगस्त को बैठक हुई थी और एक सप्ताह में नियमावली का प्रारूप शिक्षा मंत्री को सौंपा जाना था. पर सितंबर के में प्रारूप मिला.
पारा शिक्षकों के स्थायीकरण, वेतनमान और नियमावली को लेकर आठ नवंबर को बैठक होगी. बैठक में विकास आयुक्त, वित्त सचिव, शिक्षा सचिव भी शामिल रहेंगे. पारा शिक्षकों के शिष्टमंडल को बुलाया जा सकता है. पारा शिक्षकों ने 14 नवंबर तक सेवा नियमितीकरण संबंधी नियमावली पर अंतिम निर्णय लेने की अपील की थी, नहीं तो 15 नवंबर को रांची कूच की बात कही थी.




