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झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ ने लंबित मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन की दी चेतावनी, कहा- मामूली गलतियों पर बर्खास्तगी उचित नहीं

Ranchi: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ की बैठक गूगल मीट के माध्यम से किया गया एवं मनरेगा कर्मियों के बीच वर्षों से लंबित मांगों पर चर्चा की गई. अब तक सरकार के द्वारा लंबित मांगों की पूर्ति नहीं होने पर सभी मनरेगा कर्मियों ने नाराजगी जताई. मनरेगाकर्मियों ने कहां की हमलोग अल्प मानदेय में काम कर रहे हैं वह भी समय पर नहीं मिल रहा है. विगत मानदेय बढ़ोतरी में सरकार ने बहुत ही कम बढ़ोतरी की जिससे परिवार की भरण पोषण नहीं हो पाता है.
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इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा बीमा नहीं होने के कारण आए दिन लगातार मनरेगा कर्मियों विभिन्न प्रकार के दुर्घटनाओं में मारे जा रहे, जिससे उनकी आश्रित परिवारों को किसी भी प्रकार के सरकार के द्वारा लाभ नहीं मिल पा रहा है. इपीएफ की व्यवस्था अब तक पूर्ण रूप से नहीं लागू हो पाया है. वहीं, छोटी-छोटी गलतियों के कारण मनरेगा कर्मियों की बर्खास्त जैसे कार्रवाई की जा रही है इससे मनरेगा कर्मी काफी आक्रोशित है. मनरेगा कर्मियों का कहना है विगत 15 16 सालों से मनरेगा के कार्य को पूरी ईमानदारी से आगे बढ़ाया है और वर्तमान में इतने लंबे समय तक कार्य करने के बाद बर्खास्त करना उचित नहीं है. सरकार और विभाग को इस पर विचार करना चाहिए.

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष महेश सोरेन ने कहा लंबित मांगों की पूर्ति के लिए सरकार और विभाग से समन्वय स्थापित कर लंबित मांगों की पूर्ति करने का प्रयास किया जाएगा । बैठक में सभी मनरेगा कर्मियों ने एक स्वर में कहा यदि सरकार और विभाग हमारी मांगों के पूर्ति नहीं करती है तो संघ आंदोलन की राह अपना कर वृहद आंदोलन करेगी। आगामी 15 जनवरी को फिर से मनरेगा कर्मियों की बैठक होगी जिससे आगे की रणनीति तैयार की जायेगी।

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