
Ranchi: झारखंड राज्य अनुबंध कर्मचारी महासंघ की केंद्रीय समिति ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण बैठक की. विक्रांत ज्योति की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस बैठक में केंद्रीय संयुक्त सचिव सुशील कुमार पांडेय भी मौजूद थे. इस बैठक में हेमन्त सरकार के द्वारा दिए गए आश्वासन की समीक्षा की गई और यह पाया गया कि 3.5 वर्ष के कार्य काल में संविदा कर्मियों के कल्याण के लिए कुछ खास कार्य नहीं हुआ. संघ के अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया कि यदि 15 अगस्त 2023 तक उचित पहल नही हुई तो महासंघ राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी में जुटेगा. इसके तहत आगामी 20 अक्टूबर को महासंघ विश्वासघात दिवस के रूप में सभी 81 विधानसभा क्षेत्र में मनाएगा.
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यह है प्रमुख मांग
समान काम समान वेतन, छूटे हुए संविदाकर्मियों को महंगाई भत्ता, मानदेय में वार्षिक वृद्धि, संविदा नवीकरण से मुक्ति ,ग्रेड पे समायोजन,बीमा, अनुकम्पा पर नौकरी, एकमुश्त रिटायरमेंट राशि का भुगतान,पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में झारखण्ड राज्य प्रशिक्षित सहायक अध्यापक संघ के शेख सिद्दिकी प्रदेश अध्यक्ष ,विकास कुमार चौधरी प्रदेश महासचिव सुमन कुमार प्रधान महासचिव ,मुकेश कुमार साह प्रदेश उपाध्यक्ष ,झारखण्ड राज्य आंगनबाड़ी सेविका सहायिका संघ के प्रदेश कोषाध्यक्ष सीता तिग्गा शान्ति कच्छप बसंती कुजूर ,स्वाथ्यय विभाग अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ,अनुज झा सिंह ,मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव मो इम्तियाज ,प्रदेश उपाध्यक्ष महेश सोरेन स्ववछ भारत मिशन के प्रेदश अध्यक्ष कौशर आजाद ,बाल संरक्षण के अनुरंजन कुमार ,समाज कल्याण कर्मचारी के प्रदेश अध्यक्ष प्रियंका कुमारी रदोईया संघ के अजित प्रजापति ,कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संविदा कर्मचारी संघ के रितेश कुमार ,मुज्जफर हुसैन बालेश्वर गिरि सहित सैकड़ों संविदाकर्मियों के नेताओ ने भाग लेकर रणनीति बनाई.




