
New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये अमृत भारत स्टेशन योजना को लॉन्च करेंगे. एक साथ देशभर के 508 स्टेशनों के नवीनीकरण वाली इस योजना के लिए स्टेशनों पर कार्यक्रम का आयोजन होगा. इसमें इलाके के केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहेंगे. रेलवे अधिकारी केंद्र सरकार के नए भारत के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्धता को दोहराएंगे. इन स्टेशनों पर इस भव्य कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया जाएगा. जिस तरह से लोग प्रधानमंत्री के मन की बात सुनते हैं, इसी तरह से स्टेशन पर बड़ी-बड़ी स्क्रीन लगाकर रेलवे की पूरी योजना से लोग अवगत होंगे.
प्रधानमंत्री जिन 508 स्टेशनों के पुनर्विकास कार्यों के शुभारंभ के साथ पूरे भारत में ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ का उद्घाटन करेंगे, इनमें से 71 रेलवे स्टेशन उत्तर रेलवे जोन में हैं. इसे देखते हुए रेलवे ने दिल्ली कैंट, दिल्ली सब्जी मंडी और नरेला में कार्यक्रम का आयोजन करेगा.
योजना का उद्देश्य
- स्टेशनों का सिटी सेंटरों के रूप में विकास
- शहर के दोनों छोरों का एकीकरण
- स्टेशन भवनों का सुधार व पुनर्विकास
- आधुनिक यात्री सुविधाओं का प्रावधान
- बेहतर यातायात व्यवस्था और इंटरमोडल इंटीग्रेशन
- मार्गदर्शन के लिए एक-समान और सहायक सूचक चिन्ह
- मास्टर प्लान में उचित संपत्ति विकास का प्रावधान
- लैंडस्केपिंग, स्थानीय कला और संस्कृति
24470 करोड़ होगी परियोजना की लागत
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में बताया कि इस पुनर्विकास परियोजना की लागत 24,470 करोड़ होगी और इससे यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान होंगी. प्रधानमंत्री जिन रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखेंगे, उनमें उत्तर प्रदेश और राजस्थान के 55-55, बिहार के 49, महाराष्ट्र के 44, पश्चिम बंगाल के 37, मध्य प्रदेश के 34, असम के 32, ओडिशा के 25, पंजाब के 22, गुजरात और तेलंगाना के 21-21, झारखंड के 20, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के 18-18, हरियाणा के 15 और कर्नाटक के 13 स्टेशन शामिल हैं.




