
Ranchi: मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में वरीय अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में चंपाई ने राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में जनजातीय भाषा की पढ़ाई शीघ्र प्रारंभ करने पर जोर दिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झारखंड की समृद्ध स्थानीय जनजातीय भाषाओं को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अध्यनरत विद्यार्थियों को जनजातीय भाषा की शिक्षा उपलब्ध कराना सुनिश्चित की जायें. जनजातीय भाषा की पढ़ाई के लिए संताली, हो, कुड़ुख, खड़िया, मुंडारी सहित सभी जनजातीय भाषाओं के विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र की जायें. प्रारंभिक कक्षाओं से ही जनजातीय भाषा की पढ़ाई शुरू हो सके इस निमित्त सभी तैयारियां जल्द करें.
इसे भी पढ़ें: विधानसभा में 1,28,900 करोड़ का बजट पेश, झारखंड को 2030 तक 10 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग प्राप्त आंकलन के आधार पर सभी प्रक्रिया ससमय पूरा कर लें. इस अवसर पर अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा, अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव कृपानंद झा, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.




