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शराब नीति पर लूटपाट के खेल से हो रहा झारखंड को राजस्व का नुकसानः बाबूलाल मरांडी

Ranchi : पूर्व सीएम और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने एक बार फिर राज्य की उत्पाद नीति को लेकर सरकार को घेरा है. कहा है कि उन्होंने पूर्व में ही इसे कहा था कि झारखंड में छत्तीसगढ़ से घोटाला करने के लिए ही शराब नीति लायी गयी है. छत्तीसगढ़ी कंपनियों का प्रकोप अब सामने आ गया है. अब तक क़रीब छह सौ करोड़ रुपये के सरकारी राजस्व का नुक़सान होने की खबर है, चेहरा बचाने के लिए उत्पाद विभाग ने ठेके से पहले ही चुन कर रखे गये “पंसददीदा” जिन कंपनियों पर टार्गेट पूरा नहीं करने के लिये जुर्माना लगाया है, उनमें से तीन ने उच्च न्यायालय में सरकार पर मुक़दमा कर दिया है. शराब बेचने वाली मैन पावर सप्लाई कंपनियां कह रही हैं कि उन्हें ब्रांडेड शराब, बीयर की सप्लाई मिल ही नहीं रही. ऐसे में टार्गेट मुताबिक़ बिक्री (सेल) कैसे हो. शराब के होल सेलर कहते हैं कि ब्रांडेड कंपनियां मनोनुकूल शराब, बीयर की आपूर्ति ही नहीं कर रही. कंपनियां कहती हैं कि उन्हें माल सप्लाई का भुगतान ही नहीं हो रहा तो आगे वे सप्लाई करें कैसे. झारखंड में इस चूहे-बिल्ली और “लूटपाट” के खेल में झारखंड के सरकारी राजस्व का बहुत बड़ा नुकसान हो रहा है.

क्या है माजरा

गौरतलब है कि सोमवार को उत्पाद से होने वाले राजस्व प्राप्ति की समीक्षा बैठक में सीएम हेमंत सोरेन ने नाराजगी जतायी थी. शराब दुकानों के संचालकों की कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़ा किये थे. दुकानों में कार्यरत कर्मियों का वेतन भुगतान अविलंब करने को कहा था. उत्पाद दुकान के संचालकों से दो सप्ताह में अपनी कार्यशैली सुधारने को कहा. उत्पाद राजस्व का तय वार्षिक लक्ष्य हर हाल में अगले 4 महीनों के भीतर पूरा करने का भी निर्देश बैठक के दौरान दिया था.

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