
Ranchi : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार पर मंगलवार को हमला बोला. पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राज्य में सुखाड़ के चलते किसानों की कमर टूटी हुई है. उसके लिए मीटिंग कर योजना बना कर केंद्र से सहायता लेने के बजाए संवेदनहीन राज्य सरकार सैर सपाटे में लगी है. दुमका की बेटी अंकिता ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. उसके लिए एक छोटी सी फ्लाईट का इंतजाम कर उसे बेहतर इलाज के लिए बाहर भेजने के बजाए इस सरकार ने मौज मस्ती के लिए अपने लिए बड़ी फ्लाईट मंगायी. अंकिता मामले में राज्य ही नहीं देशभर में राज्य सरकार के खिलाफ उबाल है. हाइकोर्ट तक ने इस पर स्वतः संज्ञान लिया है. इससे कहा जा सकता है कि राज्य जल रहा है और सरकार सीटी बजाने में लगी है. हालिया घटनाक्रम बताता है कि हेमंत सरकार असंवेदनशील और जन हित कार्यक्रमों से पलायन करने वाली सरकार है. इस दौरान महिला मोर्चा (प्रदेश) की अध्यक्ष आरती कुजूर और प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा भी उपस्थित थे.
अंकिता हत्याकांड की हो एनआइए जांच
दीपक प्रकाश ने कहा कि अंकिता मामले में पूरी तरह से राज्य सरकार दोषी है. 23 अगस्त को दुमका में अंकिता को पेट्रोल डाल कर मारे जाने की कोशिश हुई. इसके बाद अगले 12 घंटे तक दुमका जिला प्रशासन उसके गरीब परिवार की मदद को सामने नहीं आया. चंदा करके किसी तरह उसे रिम्स, रांची लाया गया जहां इलाज के अभाव में उसने दम तोड़ दिया. दंगाईयों के लिए एयरलिफ्ट करने वाली सरकार अंकिता को यह सुविधा नहीं दे सकी. दीपक के मुताबिक अपराधी शाहरूख के साथ पकड़े गये अपराधी छोटू का संबंध पीएफआइ से है. ऐसे में इस मामले की गहराई से जांच एनआइए से करायी जानी चाहिए. मामले में संदिग्ध रहे अधिकारी नूर मुस्तफा की भूमिका की भी जांच हो जिसने अपराधियों की कम उम्र दिखाने की कोशिश करके उसे बचाने की कोशिश की. राज्य सरकार ने 29 अगस्त को अंकिता के परिजनों को महज 10 लाख रुपये सहयोग राशि देने की घोषणा की है. सरकार अगले 24 घंटे में बताए कि यह राशि किस मद से, किस बजट से दी गयी है. ऐसा नहीं करने पर पार्टी इस मामले से पर्दा उठायेगी.
इसे भी पढ़ें – सावधानी के तहत विधायकों को रखा जा रहा इंटैक्ट, चुनी हुई सरकार को अपदस्थ करने की रची जा रही साजिशः हेमंत सोरेन
महिलाओं की आबरू खतरे में
दीपक ने सरकारी आंकड़ों के हवाले से कहा कि पिछले 25 माह की हेमंत सरकार में महिलाओं, लड़कियों के खिलाफ आपराधिक मामले बेतहाशा बढ़े हैं जो बताता है कि कानून व्यवस्था का क्या हाल है. बलात्कार, दुष्कर्म के 4075 केस पुलिस रिकॉर्ड में आये हैं. इनमें से भी अधिकांश मामले आदिवासी महिलाओं, लड़कियों के खिलाफ हैं. एससी, एसटी का खुद को हितैषी बताने वाली सरकार में दारोगा स्व रुपा तिर्की और अन्य के खिलाफ जघन्य अपराध हुए. पलामू में 50 महादलित परिवारों को दूसरे संप्रदाय के लोगों ने बेघर कर दिया.
सीमा पर एक्शन लेगी पार्टी
भाजपा ने एक महिला के साथ उत्पीड़न के मामले में पार्टी सदस्य सीमा पात्रा को निलंबित कर दिया है. अब पार्टी की एक कमिटी पूरे मामले की जांच कर रही. दोषी साबित होने पर सीमा की प्राथमिक सदस्यता भी छीन ली जायेगी. यह पूछे जाने पर कि क्या भुक्तभोगी महिला सुनीता को पार्टी की ओर से मदद दी जायेगी, दीपक ने कहा कि पार्टी यथासंभव उसके लिए भी पहल करेगी.
इसे भी पढ़ें – विधायकों से भरी बस एयरपोर्ट के वीआइपी गेट के छज्जे से टकरायी, कोई हताहत नहीं



