
Ranchi: झारखंड में क्रिकेट का सट्टा बाजार बढ़ता जा रहा है. आये दिन राज्य में सट्टे के रुपये के लिए हत्या और आत्महत्या की वारदात सामने आ रही है.
बता दें कि रांची के सदर थाना क्षेत्र में रहने वाले राकेश नाम के युवक ने बीते 18 जनवरी को आत्महत्या कर ली. इसके पीछे का कारण सट्टेबाजी में हार और इसके कारण कर्ज का बोझ बताया गया.
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वहीं सट्टे के रुपए के लिए जमशेदपुर में एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. हाल के वर्षों में इस तरह के कई मामले सामने आ रहे है.
राज्य के युवा मैच पर बेटिंग लगा कर लाखों कमाने के चक्कर में सट्टा बाजार में फंस रहे हैं. सट्टा बाजार का ट्रेंड तेजी से बदल रहा है. क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी और अन्य खेल को लेकर सट्टा बाजार में बोली लगती है.
आपराधिक छवि के लोग करते हैं रुपए की वसूली
मिली जानकारी के अनुसार, रांची में आइपीएल मैच के दौरान सट्टा लगाने वाले कई एजेंट ऐसे हैं, जिनका आपराधिक प्रवृति वाले लोगों से कनेक्शन है. ये एजेंट अपराधी किस्म के लोगों के जरिये ही पैसों की वसूली करते हैं और हवाला के जरिये रुपया बड़े एजेंट को पहुंचाने का काम कर रहे हैं.
यह पूरा नेक्सस लैपटॉप, मोबाइल,वाइस रिकॉर्डर पर ही चलता है. सूत्रों की मानें तो, इसमें एजेंटों को नेता से लेकर अपराधी किस्म के लोगों का संरक्षण प्राप्त रहता है. पुलिस सट्टेबाजी के खेल पर लगाम लगाने में फिलहाल तो नाकाम नजर आती है.
रुपए वसूली का दबाव
बुकी उन्हीं सटोरियों का गेम लेते हैं,जिनसे उन्हें वसूली की पूरी उम्मीद होती है. विश्वासपात्र लोग अगर धोखा दें तो पैसों की वसूली के लिए बाउंसर्स की फौज है. हारने पर औऱ सटोरिये को पैसे नहीं देने पर परिवार से वसूली की कोशिश से लेकर धमकी तक दी जाती है.
बाउंसर और गुंडों की टीम के जरिये हारने वाले पर दबाव बनाते हैं. देर होने पर ब्याज तक वसूला जाता है. ऐसे में सट्टा खेलने वाले दबाव नहीं झेल पाते और डिप्रेशन के शिकार और जान तक देने की नौबत आ जाती है.
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इस खेल में शहर के व्यापारियों से लेकर युवा तक शामिल हैं. दिल्ली, मुंबई और दुबई में बैठे सट्टा बाजार के मास्टर लोकल एजेंट्स के माध्यम इस बार के आइपीएल में भी अपना कारोबार राजस्थान, यूपी, बिहार और झारखंड सहित अन्य राज्यों में फैलाये हुए हैं. नये ग्राहक सोच-समझकर बना रहे हैं और पुराने ग्राहक पहले से इनके संपर्क में है.
सट्टेबाजी के कारण गंवा रहे अपनी जान
18 जनवरी 2020: रांची के सदर थाना क्षेत्र के आदर्श नगर स्थित अपने आवास में राकेश कुमार गुप्ता नामक युवक ने फांसी लगाकर खुदकशी कर ली थी. वह क्रिकेट में सट्टा लगाते-लगाते कर्जदार बन गया था. वह आइपीएल,वन डे में सट्टा लगाता था. आशंका है कि वर्तमान में भारत-ऑस्ट्रेलिया मैच में भी उसने सट्टा लगाया था और हारने के बाद ही यह कदम उठाया.
16 जनवरी 2020: क्रिकेट की सट्टेबाजी में जमशेदपुर के उलीडीह थाना अंतर्गत डिमना रोड में सुमन रक्षित उर्फ बिट्टू (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. वह गणेश सिंह गिरोह का सदस्य था.
13 मई 2019: कोडरमा के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बाजार रोड निवासी पत्थर व्यवसायी गौतम कुमार (38) ने आइपीएल मैच में सट्टेबाजी के कर्ज से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी.
2 फरवरी 2019:भारत-न्यूजीलैंड वनडे मैच में सट्टा हारने पर पलामू के चैनपुर के रहने वाले युवक ने खुदकुशी कर ली थी. युवक तामिलरज्जा का शव कुएं से बरामद हुआ था. घटना के समय लोगो का कहना था कि तामिलरज्जा क्रिकेट का शौकीन था. भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज के चौथे मैच में उसने 4000 रुपए का सट्टा लगाया था.
1 जून 2018: धनबाद में आइपीएल सट्टेबाजी में हार के बाद एक युवक ने जहर खाकर अपनी जान दे दी थी.युवक ने अपने घर में ही जहर खाकर आत्महत्या की थी. लोगों का कहना था कि आइपीएल में वो करीब 10 लाख रुपए हार गया था, जिसके बाद से सट्टेबाज पैसों के लिए युवक पर काफी दबाव बना रहे थे.
29 अगस्त 2018: जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र के गरुड़ बासा में संदीप नाम के युवक ने क्रिकेट में सट्टा लगाया था. संदीप ने एक मैच पर 80,000 रुपए दांव लगाया था. टीम हार गई थी और उसके रुपए डूब गए. इसी कारण उसने फांसी लगाकर जान दे दी.
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