
Ranchi : ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनकी भरपाई सरकार करेगी. राज्य सरकार इसके लिए किसानों को मुआवजा देगी. साल 2020-21 में किसानों की बर्बाद हुई फसल के लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है. कृषि पशुपालन सहकारिता मंत्री बादल पत्रलेख ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सभी उपायुक्तों को यह निर्देश दिया.
इस दौरान कृषि सचिव अबू बकर सिद्द्की भी मौजूद थे. मंत्री ने कहा कि झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन सहकारिता विभाग और आपदा विभाग के समन्वय से किसानों को यह मुआवजा और सहायता राशि मिलेगी.
उपायुक्तों को निर्देश दिया गया कि वे अपने जिलों में किसानों को हुए नुकसान की रिपोर्ट भेजें. छह जिलों की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को अब तक नहीं मिली है. इसके अलावा सभी जिलों से रिपोर्ट आ गयी है.
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करीब पांच लाख किसानों को मिलेगी राहत
कृषि मंत्री ने बताया कि इससे लगभग पांच लाख किसानों को राहत मिलेगी. लॉकडाउन से पहले फरवरी महीने में ही किसानों की फसल बर्बाद हुई थी. जिन जिलों से किसानों की रिपोर्ट मिली है. वहां आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से राशि की स्वीकृति दे दी गयी है. सबसे अधिक राशि पाकुड़, लातेहार, गिरिडीह के किसानों को दी गयी है.
इस काम के लिए मंत्री ने मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन के विभागीय मंत्री बन्ना गुप्ता को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार की तरफ से जवाब देते हुए कहा गया था कि ओलावृष्टि और अतिवृष्टि प्राकृतिक आपदा के कारण किसानों को जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई सरकार करेगी.
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