
Chandi Dutta Jha
Ranchi: पिछले 4 दशकों से उग्रवाद नक्सलवाद का दंश झेल रहे झारखंड में कुछ सालों से लगातार पुलिस की पहुंच से नक्सली बैकफुट पर नजर आ रहे हैं. लेकिन हाल के दिनों में लगातार हो रहे कंस्ट्रक्शन साईट हमले उग्रवादियों को कम करके आंकने के खतरों को बयान करते हैं. सुरक्षा में जरा भी ढिलाई पर वे लगातार पैनी नजर रखते हैं. मिसाल के लिए, राजधानी रांची के रांची गुमला मुख्या मार्ग एनएच 23 का चौड़ीकरण कार्य कर रही आरकेडी कंस्ट्रक्शन कंपनी के रोलर में बीते शुक्रवार देर रात आग लगा दी. इटकी थाना क्षेत्र के गढ़गांव पुल के समीप पीएलएफआई के उग्रवादी ने घटना को अंजाम दिया है. राज्य में अब भी उग्रवादी संगठन सक्रिय हैं, जो गाहे-बगाहे किसी बड़ी वारदात के जरिये अपनी मौजूदगी का अहसास कराते रहते हैं. कंस्ट्रक्शन साइटों पर उग्रवादियों की सक्रियता बढ़ गई है. जानकारी के अनुसार दहशत फैलाने की जिम्मेदारी संगठन ने अपनी स्मॉल एक्शन टीम को दी है. जो आमतौर पर सूचना संकलन और बैनर पर्चे लगाने का काम करती हैं. पुलिस को उग्रवादियों के स्मॉल एक्शन टीम की सक्रियता की भी जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि लेवी वसूली के लिये कंस्ट्रक्शन साइटो पर यही टीम दहशत फैलाने का काम कर रही है.
सिमडेगा में पावर ग्रिड और रेलवे के कंस्ट्रक्शन पर हमला
सिमडेगा जिले के ओड़गा में निर्माण कंपनी के जेसीबी पोकलेन मशीन और पानी के टेंकर में 18-19 जनवरी की रात नक्सलियों ने आग लगा दी. पीएलएफआई के उग्रवादियों ने एक पर्चा छोड़कर चेतावनी दी है. कि उनकी इजाजत के बगैर इलाके में कंस्ट्रक्शन नहीं किया जा सकता है. सिमडेगा के ओड़गा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन दोहरीकरण का कार्य चल रहा है. बिहार की टिनॉटिया नामक कंपनी काम करा रही है. इससे पूर्व भी पिछले साल 16-17 नवम्बर की रात सिमडेगा जिले के कोलेबिरा थाना क्षेत्र के नवाटोली पंचायत के कोलेबिरा हरिजन कॉलोनी के समीप हो रहे पावर ग्रिड निर्माण कार्य में लगे जेसीबी व टैक्टर को पीएलएफआई के उग्रवादियों ने आग के हवाले कर दिया. इस दौरान उग्रवादियों ने निर्माण कार्य में लगे रात्रि गार्ड से निर्माण कार्य के संबंध में जानकारी ली व निर्माण कार्य में लगे कर्मियों का नंबर मांगा और साथ में पेट्रोल लेकर आए उग्रवादियों ने ट्रैक्टर व जेसीबी को आग के हवाले कर दिया. उग्रवादी घटना को अंजाम दिए जाने के बाद उग्रवादियों ने दहशत फैलाने के लिए दो हवा फायरिंग भी की और साथ में रात्रि गार्ड के टॉर्च को भी साथ लेते गए.
लातेहार में उग्रवादियों के निशाने पर केद्र सरकार की योजना
पतरातू से सोननगर के बीच रेलवे का पहला फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है. केद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना में एक यह योजना 3 हजार किलोमीटर बननी है. इसके लिए तीसरी लाइन बिछाने का काम तेजी से चल रहा है. 15-16 जनवरी की रात लातेहार जिले के मालहन में दर्जनों की संख्या में पहुंचे उग्रवादियों ने KEC कंपनी के बेचिंग प्लान्ट में जमकर उत्पात मचाया है. दर्जन की संख्या में पहुंचे उग्रवादियों ने कंपनी में कार्यरत लगभग दो दर्जन कर्मियों को बंधक बना लिया. इस दौरान विरोध करने पर 4 कर्मियों के साथ जमकर मारपीट भी की गई. उग्रवादियों ने मौके पर कई वाहन में तोड़फोड़ भी किया. जेपीसी उग्रवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेवारी ली है. कम्पनी मालहन में थर्ड रेलवे निर्माण कार्य में जुटी है. उग्रवादियों ने कहा संगठन के टिंकू जी से बगैर बात किए काम शुरू नहीं करें काम बंद कर साइड से चले जाने की धमकी भी दी. इसी साईट पर 30-31 दिसंबर की रात उग्रवादियों ने एक पोप्लेन, एक रोलर व दो हाइवा को आग के हवाले किया. वहीं दो हाइवा में तोड़फोड़ की. उग्रवादियों ने इस दौरान काम करने वालो को बंधक बना लिया, कई लोगों के साथ मारपीट भी की. इससे पूर्व 22 नवम्बर की शाम लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र स्थित डगडगी पुल के समीप उग्रवादियों के सशस्त्र दस्ते ने रेलवे लाइन निर्माण स्थल पर जमकर तांडव मंचाया. दोनों तरफ से कार्यस्थल पर घेर हवाई फायरिंग की, इसके बाद वहां मौजूद जेसीबी, हाईवा, हाइड्रा, जेनरेटर, बाइक समेत एक दर्जन वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान कई लोगों की दौड़ाकर पिटाई भी की गई. पिछले साल 21 अक्टूबर को लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के मालहन रेलवे स्टेशन के निकट स्थित रेल लाइन निर्माण कंपनी के साइट पर उग्रवादियों ने फायरिंग की. लेवी के लिए दहशत फैलाने को लेकर फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया. इस घटना में कंपनी के इंजीनियर समेत तीन लोग घायल हो गए औरंगाबाद बिहार के रहने वाले इंजीनियर शिव कुमार यादव की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी. वही मजदूर विशेश्वर यादव और विकास यादव को भी गोली लगी है. दोनों मजदूर लातेहार के बालूमाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.
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