
Ranchi: 1940 से 2008 तक जमीन का ऑनलाइन डिटेल्स सभी जिलों में शामिल करा दिया गया था. इसे अब बंद कर दिया गया है. जिससे भूमाफिया और अधिकारियों की मिलीभगत कर आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही है. यह बातें ध्यानाकर्षण के माध्यम से मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंचि नारायण ने सदन के अंदर कही. उन्होंने कहा कि अब तो चाय-ठेले वाले भी ऑनलाइन हो चुके हैं. सरकार को पुरानी व्यवस्था लागू करनी चाहिए.
ऑनलाइन से राजस्व का नुकसान
सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था से राजस्व को नुकसान हो रहा था. नई व्यवस्था से महज 8 माह में 5 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. उन्होंने कहा कि यह निजता का भी मामला है. यह सार्वजनिक नहीं हो सकता है.
भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है सरकार
बिरंचि नारायण ने कहा कि सरकार भूमाफियाओं को संरक्षण दे रही है. इसलिए ऑनलाइन व्यवस्था को बंद कर दिया गया है. ऐसी ही स्थिति रहेगी तो राज्य में आग लग जाएगी.
पांच-छह महीने में कराएंगे समीक्षा
बिरंचि नारायण के सवाल के बाद मंत्री हफीजुल हसन ने समीक्षा कराने की बात कही. उन्होंने कहा कि पांच-छह महीने में इसकी समीक्षा कराएंगे.




