रांची: झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री, नीलकंठ सिंह मुंडा ने राज्य के सभी सांसदों व विधायकों को महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोज़गार गारंटी कानून (मनरेगा) में सुधार लाने के लिए उनकी राजनैतिक अगुआई की मांग के लिए व्यक्तिगत पत्र लिखें (पत्रों के नमूने संलग्न हैं).
पत्र की शुरुआत मनरेगा की ग्रामीण झारखंड की आजीविका वृद्धि की क्षमता से होती है. राज्य द्वारा मनरेगा में सुधार लाने के लिए हाल की पहलों का उल्लेख किया गया है. मंत्री यह मानते हैं कि इन प्रयासों के बावजूद मनरेगा में कई समस्याएं हैं. इन समस्याओं के हल के लिए वे इन राजनैतिक नेताओं के सहयोग की अपेक्षा कर रहे हैं. सांसदों व विधायकों को मनरेगा में सुधार लाने के लिए कई सुझाव दिए गए हैं, जैसे मज़दूरों को मनरेगा में काम करने के लिए प्रेरित करना, स्थानीय प्रशासन के काम की समीक्षा करना आदि.
पत्र मनरेगा को राजनैतिक चर्चाओं का एक एहम भाग व राज्य की एक प्राथमिकता बनाने की आवश्यकता की ओर संकेत करता है.




