
Ranchi: राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के सदस्यों को बेहतर भविष्य देने का जतन करेगी. इसके लिये झारखंड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम ने उन्नत ग्राम योजना पर काम करने का प्लान तय किया है. इसके जरिये चयनित उन्नत गांवों में एससी सदस्यों के लिये आय वृद्धि के लिये काम होना है. ऐसे गांवों में रहने वाले लोगों की जेब में अधिक से अधिक पैसे आ सकें, इसके लिये कई स्तरों पर पहल होनी है. मिनी राइस मिल, चारा कटर उपलब्ध कराये जाने के अलावे शिल्प विकास कार्यक्रम भी चलाये जायेंगे. मिनी राइस मिल और चारा कटर के लिये तो निगम की ओर से टेंडर जारी भी कर दिया गया है.
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योजना कार्यान्वयन समिति पर जिम्मा
झारखंड राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम ने टेंडर जारी करते हुए बताया है कि अनुसूचित बहुल उन्नत गांवों में चयनितों को चारा कटर और मिनी राइस मिल उपलब्ध कराया जायेगा. इसे योग्य पात्रों को उपलब्ध कराने को लिये ग्राम स्तर पर योजना कार्यान्वयन समिति बनायी गयी है. समिति और एफएनजीओ के माध्यम से इसे उपलब्ध कराया जायेगा. निगम ने इन सामग्रियों की आपूर्ति के लिये टेंडर जारी जारी किया है. बिड डॉक्यूमेंट प्राप्त करने के लिये बलिहार रोड, मोरहाबादी, रांची स्थित निगम के एमडी से संपर्क किया जा सकता है. विस्तृत जानकारी के लिये वेबसाइट www.prdjharkhand.in तथा कार्यालय के सूचना पट्ट देख सकते हैं.
स्कील डेवलपमेंट प्रोग्राम से भी मदद
निगम ने फैसला किया है कि वह चयनित उन्नत ग्राम में एससी वर्ग के सदस्यों को हस्तशिल्प और हथकरघा स्कील में एक्सपर्ट बनायेगा. इसके तहत चयनित गांवों में मोटे तौर पर चमड़े का काम, बेंत और बांस शिल्प, धातु शिल्प (डोकरा कला), हथकरघा और रेशम बुनाई, कालीन- दरी, जातीय पेंटिंग कार्य, मिट्टी की कलाकृतियां और ऐसे ही अन्य शिल्प विधाओं में चयनितों को हुनरमंद बनाया जाना है. निगम ने इन कार्यों के संचालन और प्रशिक्षण में अनुभव रखने वाले गैर सरकारी संगठनों, एनजीओ, सहकारी संस्थाओं और अन्य से 10 मार्च तक आवेदन मांगे हैं. मोरहाबादी स्थित निगम के कार्यालय से इस संबंध में जानकारी ली जा सकती है.




