
Ranchi: सचिवालय के फोर्थ ग्रेड के कर्मचारियों ने कार्मिक विभाग के दो प्रशाखा पदाधिकारियों पर जानबूझकर लिपिक के पद पर प्रमोशन रोकने का आरोप लगाया है. दोनों पदाधिकारियों को मूल रूप से झारखंड के स्थानीय मूल निवासी व आदिवासी विरोधी बताया है. कर्मियों का कहना है कि झारखंड राज्य कर्मचारियों में 80-90 प्रतिशत कर्मचार मूलवासी आदिवासी है. इसी कारण से ये दोनों आदिवासी जनजाति का हित नहीं चाहते हैं. इस संबंध में जितनी बुधिया सहित एक दर्जन से अधिक कर्मचारियों ने झारखंड के मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, कार्मिक विभाग के प्रधान सचिव को ज्ञापन भी दिया है. कर्मियों ने अपने ज्ञापन में कहा कि कार्मिक विभाग, सीएम, सचिव को कई बार प्रमोशन दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने का अनुरोध किया गया है. लेकिन इस पर उचित पहल नहीं की जा रही है दूसरी तरह विभाग के पदाधिकारियों का रवैया भी सही नहीं है. बता दें कि, सचिवालय के 500 से अधिक फोर्थ ग्रेड कर्मियों का प्रमोशन 14 सालों से लटका हुआ है. जबकि इससे संबंधित संचिका में पूर्व कार्मिक सचिव, वित्त सचिव ने भी अपनी सहमति दी है. सीएमओ से भी इस मसले पर आवश्यक कार्रवाई को कहा गया है. विगत दो माह पहले इसकी संचिका बढ़ी भी, लेकिन अभी तक कोई ठोस नहीं हो सका है.
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