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झमाडा कर्मियों ने निकाला जुलूस, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी, झरिया-कतरास में बढ़ा जल संकट

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Dhanbad : प्राधिकार कर्मचारी संघ से संबध भारतीय मजदूर संघ झारखंड प्रदेश की ओर से सोमवार को झमाडा के कर्मचारियों ने झमाडा कार्यालय से जुलूस निकाला और रणधीर वर्मा चौक तक होते हुए फिर झमाडा कार्यालय पहुंचा. इस दौरान अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी भी की. इधर, झमाडा कर्मियों की हड़ताल के कारण झरिया- कतरास आदि इलाकों में जल संकट गहरा गया है. लोग बूंद- बूंद पानी के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं.

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12 लाख लोग झेल रहे हैं जलसंकट

झमाडा कर्मी चार दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जिससे पानी और सफाई कार्य बाधित हैं. इनकी मांग है कि छठा वेतन लागू किया जाय और बकाया 42 माह का वेतन भुगतान किया जाय. बता दें कि इन झमाडा कर्मियों को एक माह का वेतन छठा वेतन मान के साथ दिया गया. फिर उसे निरस्त कर दिया गया. इसीके विरोध के लगभग 800 झमाडा कर्मी हड़ताल पर चले गये. जिससे कोयलांचल की 12 लाख की आबादी को पानी के लिए परेशानी झेलनी पड़ रही है.

पुलिस ने गेट पर भीड़ लगाने से किया मना

बता दें कि जुलूस से पहले झमाडा कर्मी अपने कार्यालय के समक्ष जुटे थे. पुलिस ने गेट पर भीड़ जुटाने से मना कर दिया. जिसको लेकर झमाड़ा कर्मी और पुलिस के बीच काफी देर तक विवाद होता रहा. काफी देर बाद कर्मी झमाडा कार्यालय से हटे. बता दें कि झमाडा कर्मी की हड़ताल की घोषणा के बाद प्रशासन द्वारा जल संयंत्र और कार्यालय में निषेधाज्ञा लगा दी गयी थी.

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मांगें पूरी होने तक रहेंगे हड़ताल पर

वहीं झमाडा कर्मी प्रेमानंद तिवारी का कहना है कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी, हड़ताल जारी रहेगी. कहा कि जिला प्रसासन या झमाडा अधिकारी हमलोगों को वार्ता के लिए भी नही बुलाये हैं. उन्होंने कहा कि इस बार आर-पार की लड़ाई होगी. लोगों को पानी की दिक्कत हो रही है, इसमें हमलोगों का कोई दोष नहीं है. लोगों को चाहिए कि वे प्रशासन के समक्ष अपनी समस्या को रखें. हमलोग मांगें पूरी होने तक हड़ताल पर डटे रहेंगे.

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