
Patna: सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (JDU) के मुख्य प्रवक्ता व बिहार सरकार के पूर्व मंत्री नीरज कुमार राजद के 25 साल पर 25 सवाल पूछने का सीरीज चला रहे हैं. इसी कड़ी में मंगलवार को उन्होंने महिलाओं के मुद्दे को उठाया.
महिला के उत्थान को लेकर लालू-राबड़ी पर जमकर निशाना साधा. कहा, लालूवाद के कारण लंबे समय तक बिहार की महिलाओं को प्रताड़ना का शिकार होना पड़ा. राबड़ी देवीजी बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं.
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महिला होने के बावजूद वे राज्य की महिलाओं की पीड़ा नहीं समझ पाईं या फिर आरजेडी की जातिवादी राजनीति उन्हें इतनी पसंद आ गई कि आधी आबादी के साथ अन्याय करती रह गईं. साथ ही उन्होंने सवाल किया कि आखिर लालू-राबड़ी सरकार ने 15 वर्षों के कार्यकाल में महिलाओं के उत्थान के लिए किया ही क्या?
जदयू एमएलसी नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जब 2005 में नीतीश कुमार सरकार में आए तो महिलाओं की स्थिति दयनीय थी. लेकिन, उन्होंने महिलाओं के उत्थान के लिए मौन रहकर काम किया. उन्होंने बताया कि यूजीसी (UGC) के एक शोध के अनुसार वर्ष 2004-2005 में बिहार की ग्रामीण महिलाओं की शिक्षा के लिए प्रवेश लेने का अनुपात पूरे देश में सबसे निचले स्थान 1.21 फीसदी था. जबकि शहरी क्षेत्र में देश में पांचवा स्थान 20.85 फीसदी था.
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अगर बिहार की महिला शक्ति को सही रूप से पहचान लिया जाए और उन्हें कम से कम सुविधा भी उपलब्ध करा दी जाए, तो बिहार को शीर्ष राज्यों की श्रेणी में लाने का पूरा दम रखती है. यूजीसी भी अपनी रिपोर्ट में इन आंकड़ों पर आश्चर्य जताता है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महिला शक्ति की क्षमता को बखूबी पहचाना और महिला समाज को सामाजिक बदलाव के पुरोधा के रूप में चुना.
जदयू के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि महिलाओं को सशक्त करने और उनके उत्थान के लिए नीतीश कुमार ने कई महत्वपूर्ण काम किये. नौकरियों से लेकर स्थानीय चुनाव में महिलाओं को 33 से 50 फीसदी तक आरक्षण का प्रावधान कर उनके हाथों को मजबूत किया. इससे हमारा राज्य समग्र विकास की ओर आगे बढ़ा. नीतीश कुमार ने अपने 15 साल के कार्यकाल में 10 लाख से अधिक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जोड़ा. उन्हें संगठित कर आर्थिक सहायता दी. स्कूल की लड़कियों को साइकिल देकर प्रोत्साहित किया.
पढ़ाई करने वाली लड़कियों की संख्या में चार से छह गुना वृद्धि हुई. यह आंकड़ा देश में सर्वाधिक है. नीरज ने कहा कि नीतीश कुमार सात निश्चय योजना पार्ट वन में आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार वहीं सात निश्चय योजना पार्ट 2 में सक्षम महिला-सशक्त महिला जैसे कई संकल्प लेकर सक्षम बिहार बनाने की दिशा में कार्य करते रहें. जबकि, लालूवाद ने सामाजिक अराजकता, अशांति, जातिवाद और वैमनस्य बढ़ाने के अलावा कुछ नहीं किया.
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