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लॉकडाउन के बीच फरवरी और मार्च से बढ़ी जेबीवीएनएल की बिलिंग वसूली, अप्रैल माह में 90 करोड़ कलेक्शन

Ranchi :  झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के लिए कोरोना लॉकडाउन ने बिलिंग की मुसीबत लायी. लॉकडाउन में जेबीवीएनएल कर्मचारियों को भले रोस्टर में काम करना पड़ रहा हो, लेकिन बिलिंग कलेक्शन में इसका खास असर देखा गया. मार्च महीने में जेबीवीएनएल को टारगेट से काफी कम बिलिंग कलेक्शन हुआ. वहीं अप्रैल महीने की बात करें तो इस महीने के लिए जेबीवीएनएल ने 300 करोड़ का टारगेट रखा था.

जिसमें से अब तक 90 करोड़ रुपये बिलिंग से कलेक्ट किये जा चुके हैं. मार्च महीने में जेबीवीएनएल को मात्र 22 लाख 666 रुपये बिलिंग कलेक्शन हुआ था. बात दें कि जेबीवीएनएल की राजस्व का मुख्य स्रोत बिलिंग कलेक्शन है. ऐसे में फरवरी माह से ही निगम में बिलिंग कलेक्शन में कमी देखी गयी. जीएम कमर्शियल ऋषि नंदन ने जानकारी दी कि फरवरी और मार्च महीने के बाद जेबीवीएनएल की राजस्व वसूली में तेजी आयी है. पिछले दो महीने जेबीवीएनएल ने लाख में कलेक्शन किया. जो इस महीने अब तक करोड़ों में है.

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फरवरी में 29 लाख ही हो पायी थी वसूली

जेबीवीएनएल की मानें तो फरवरी में मात्र 29 लाख बिलिंग कलेक्शन किया गया. जबकि जेबीवीएनएल का प्रत्येक महीने का लक्ष्य 300 करोड़ है. कुल उपभोक्ताओं की संख्या वर्तमान में 45 लाख के आसपास है. क्योंकि डीवीसी की ओर से राज्य के सात जिलों में बिजली आपूर्ति की जाती है. जो जेबीवीएनएल के आपूर्ति क्षेत्र के बाहर है.

फरवरी से कम हुई बिलिंग की मुख्य वजह ऊर्जा मित्रों की ओर से मीटर रिडिंग नहीं कर पाना रहा. मार्च में जेबीवीएनएल की ओर से 46 लाख 460 रुपये बिलिंग का टारगेट रखा गया. जिसमें से सिर्फ 22 लाख 668 रुपये ही वसूली हो पायी. जेबीवीएनएल को इस महीने 24 लाख से अधिक का नुकसान हुआ. हालांकि पूर्व के महीने में जेबीवीएनएल की ओर से 60 प्रतिशत बिलिंग कलेक्शन की जाती रही है. लेकिन काम काज ठप होने के कारण बिलिंग में काफी असर देखा गया.

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डिजिटल माध्यम से हो रही वूसली

फरवरी और मार्च महीने में राजस्व वसूली में आयी परेशानी के बाद जेबीवीएनएल ने पिछले दिनों अपना खुद का मीटर रीडिंग एप बनाया. हालांकि इससे सिर्फ मीटर रीडिंग की जा सकती है. वहीं बिलिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. जिसमें ईजी बिल एप या जेबीवीएनएल के वेबसाईट समेत अन्य एप है. बता दें डीवीसी, टीयूभीएनएल समेत अन्य संस्थानों से जेबीवीएनएल लगभग पांच सौ करोड़ की बिजली खरीदती है. जबकि फरवरी और मार्च के पहले तक जेबीवीएनएल को बिलिंग से लगभग 300 करोड़ की वसूली होती रही है. जो इन दो महीनों में घट गया.

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