
Palamu: राजस्थान के कोटा से स्पेशल ट्रेन द्वारा रांची के बाद शनिवार की देर रात पलामू लाये गये 144 छात्र-छात्राओं को होम क्वॉरेंटाइन कर दिया गया है. मालूम हो कि स्पेशल ट्रेन राज्य के अलग अलग जिले के 14 सौ स्टूडेंट्स को लेकर रांची स्टेशन पहुंची थी.
इसमें पलामू जिले के अलग-अलग प्रखंड क्षेत्र के 144 छात्र-छात्राएं शामिल थे. रांची स्टेशन पर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच छात्रों को बसों के माध्यम से जिला मुख्यालय मेदिनीनगर लाया गया.
सभी छात्रों की जीएलए कॉलेज स्थित सहायक कैंप में स्क्रीनिंग की गयी. उसके बाद रविवार सुबह सभी संबंधित इलाके के प्रखंडों में बसों के माध्यम से घर भेज दिया गया. सभी छात्र अगले 14 दिनों तक होम क्वारेंटाइन में रहेंगे. स्क्रीनिंग सेंटर से सभी को पुलिस निगरानी में स्काॅड कर उनके घरों तक पंहुचाया गया. अधिकतर छात्र मेदिनीनगर, सतबरवा, हुसैनाबाद, हैदरनगर और उसके आसपास के इलाके के हैं.
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जिला के वरिय अधिकारियों ने किया स्वागत
छात्र-छात्राओं के मेदिनीनगर आने पर जिले के उपविकास आयुक्त के नेतृत्व में अपर समाहर्ता प्रदीप प्रसाद, सिविल सर्जन डॉ जॉन एफ कैनेडी, डीएसडब्ल्यूओ आफताब आलम, डीपीएम दीपक कुमार ने उनका किया स्वागत. जबकि डाक्टरों की स्पेशल टीम ने सोशल डिस्टेंसिंग के बीच स्क्रीनिंग की. भोजन के पैकेट और पानी दिये.
मेडिकल स्क्रीनिंग की गयी
जिले के प्रखंड क्षेत्रों में छात्र-छात्राओं के पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया. जिले के हुसैनबाद में पहुंचने पर उनकी स्क्रीनिंग अनुमंडलीय अस्पताल के चिकित्सक डा. शशि भूषण व चिकित्सा प्रभारी डा. रत्नेश प्रसाद ने की.
स्क्रीनिंग के बाद उन्हें अपने-अपने घर भेजने के पहले कुछ सावधानियां रखने की हिदायत दी गयी है. उन्हें बताया गया है कि वह 14 दिनों तक अपने-अपने घर में ही क्वॉरेंटाइन रहेंगे. किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधित परेशानी होने पर स्थानीय सहिया, एएनएम या आंगनबाड़ी सेविका के माध्यम से सूचना देने का काम करेंगे.
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काफी खुश दिखे छात्र-छात्राएं
कोटा से अपने घर पहुंचे छात्र-छात्राएं काफी खुश थे. उन्होंने राज्य व केंद्र सरकार को धन्यवाद किया है. हुसैनाबाद आने वाले छात्रों ने बताया कि उन्हें बहुत ही अच्छी तरह से भोजना व जलपान कराते लाया गया है.
उन्होंने बताया कि उनके लिए घर वापस आने का दिन सबसे खास है. उन्होंने सोचा भी नहीं था की वह लाॅकडाउन के दौरान वह अपने घर भी पहुंच पायेंगे.
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