
Ashok kumar
Jamshedpur : बागबेड़ा में जलापूर्ति योजना से गंदे पानी की आपूर्ति सालों से की जा रही है. इस पानी का उपयोग कॉलोनी के लोग नहीं करते हैं, लेकिन अचानक इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है. इसमें अब जनहित याचिका दायर करने की बात कही जा रही है. करीब 10 दिनों से यह जुमला भाजपाई और कांग्रेसी सुना रहे हैं, लेकिन अभी तक किसी ने भी जनहित याचिका के लिए तिथि तक की घोषणा नहीं की गयी है. इस तरह की घोषणा करना सिर्फ राजनीति है या सही में वे जनहित याचिका दायर करने वाले हैं. यह तो समय ही बतायेगा.
सुबोध और अजय ओझा के बाद विनय सिंह भी कूदे
जनहित याचिका दायर करने के मामले में जहां पहले भाजपा नेता सुबोध झा और कांग्रेस नेता अजय ओझा आगे आये थे. वहीं बुधवार को कांग्रेस नेता विनय सिंह भी आंदोलन में कूद पड़े रहे हैं.
विरोधी खेमा भी चुप नहीं
जलापूर्ति योजना को लेकर जिस मुखिया को कटघरे में खड़ा किया गया है, वह भी अपने स्तर से चुप नहीं है. वह भी अपनी टीम को मजबूत करने में लगी हुई है. विधायक से इसमें सुधार लाने की मांग की गयी है और विधायक ने इसके लिए आश्वासन भी दिया है.
21.63 लाख गबन का है आरोप
कांग्रेस नेता विनय सिंह ने पूरे प्रकरण में 21.63 लाख रुपये गबन करने का आरोप बागबेड़ा कॉलोनी पंचायत और बागबेड़ा मध्य पंचायत मुखिया बाहामुनी हेंब्रम और प्रतिमा मुंडा पर लगाया है. आरोप है कि 1140 घरों में पानी का वैध कनेक्शन दिया गया है और 500 घरों में अवैध कनेक्शन है. अवैध कनेक्शन का पैसा मुखिया खुद ही हजम करती हैं. फिल्टर प्लांट के नाम 21.63 लाख रुपये मिला था. उस रुपये का गबन करने का आरोप दोनों मुखिया पर ही लगाया गया है.
अब आरटीआई से जानकारी मांग रहे कांग्रेसी
पूरे मामले में जनहित याचिका दायर करने के पहले कांग्रेसी नेता पहले आरटीआई से माध्यम से जानकारी हासिल करना चाह रहे हैं. उसके बाद ही किसी तरह की कदम उठायेंगे. पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है और समय के साथ सबकुछ धुंधला भी पड़ सकता है. फिलहाल पूरे बागबेड़ा और आस-पास के इलाके में रहने वाले तो यही कह रहे हैं कि जनहित याचिका दायर करने को लेकर सिर्फ राजनीति ही हो रही है.
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